विजयपुरा | मणगुली कस्बे में स्थित केनरा बैंक की एक शाखा में हुए करोड़ों के सोना चोरी कांड ने पूरे देश को चौंका दिया है। बैंक के लॉकर से करीब 53 करोड़ रुपये मूल्य के गहने गायब पाए गए, जिससे मामले की गंभीरता का अंदाज़ा लगाया जा सकता है। इस वारदात के बाद जब जांच शुरू हुई, तो बैंक के भीतर केसर, हल्दी और ब्लोटॉर्च जैसी चीज़ें मिलने से शुरुआती तौर पर इसे तांत्रिक गतिविधि माना गया। लेकिन जैसे-जैसे तहकीकात आगे बढ़ी, मामला पूरी तरह से बदल गया।
जांच में सामने आया कि इस बड़े अपराध की योजना बैंक के पूर्व ब्रांच मैनेजर विजयकुमार मिरियाला (41 वर्ष) ने खुद अपने कार्यकाल के दौरान रची थी। उसने अपने दो सहयोगियों चंद्रशेखर नेरेल्ला (38 वर्ष) और सुनील नरसिम्हालु मोका (40 वर्ष) के साथ मिलकर पूरी साजिश तैयार की।
विजयकुमार ने बैंक की चाबियों की डुप्लिकेट बनवाकर उन्हें अपने साथियों को सौंपा और फिर 9 मई को हुए ट्रांसफर के बाद वारदात को अंजाम देने का समय तय किया गया।
RCB की हार ने बदली चोरी की तारीख
डकैती की पहली योजना 23 मई को बनाई गई थी, क्योंकि उसी दिन आईपीएल में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु का मुकाबला था। लेकिन टीम की हार से संभावित जश्न का माहौल फीका पड़ गया, जिससे अपराधियों ने चोरी को अगले दिन टाल दिया।
भ्रम फैलाने के लिए किया गया तांत्रिक माहौल का नाटक
अपराधियों ने पुलिस को भ्रमित करने के लिए लॉकर क्षेत्र में जानबूझकर केसर, हल्दी और ब्लोटॉर्च जैसी चीजें छोड़ीं, ताकि मामले को अंधविश्वास या तांत्रिक क्रिया जैसा दिखाया जा सके। यही नहीं, उन्होंने बैंक तक सीधी पहुंच से बचने के लिए बाइक को ट्रक में लादकर पहुंचाया, जिससे कोई भी ट्रैफिक कैमरा उनकी पहचान न कर सके।
इस दौरान उन्होंने बैंक के CCTV कैमरों की दिशा बदल दी, हाईमास्ट लाइट की बिजली काट दी और नेटवर्क वीडियो रिकॉर्डर (NVR) भी साथ ले गए, ताकि कोई डिजिटल सबूत न बचे।
एक कार से खुला राज, पुलिस ने कबूला जुर्म
जांच में पुलिस को एक कार से बड़ा सुराग मिला जो विजयकुमार के नाम पर रजिस्टर्ड थी। पूछताछ में उसने जुर्म कबूल कर लिया। इस केस की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आठ विशेष टीमें बनाई हैं।
अब तक की रिकवरी और आगे की जांच
पुलिस ने अभी तक करीब 10.5 किलो सोना बरामद किया है, जिसमें पिघलाया गया सोना भी शामिल है। साथ ही दो वाहन भी जब्त किए गए हैं जो डकैती में इस्तेमाल हुए थे। हालांकि जांच एजेंसियों को शक है कि इस गिरोह में और लोग भी शामिल हो सकते हैं, और बाकी बचे गहनों की तलाश जारी है।