पीजीआई चंडीगढ़ में पाचन तंत्र रोगों पर जागरूकता कार्यक्रम, विशेषज्ञों ने स्वस्थ खानपान पर दिया जोर

Chandrika
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Summer Express - पीजीआई चंडीगढ़ में पाचन तंत्र रोगों पर जागरूकता कार्यक्रम, विशेषज्ञों ने स्वस्थ खानपान पर दिया जोर

चंडीगढ़-: पीजीआई में पाचन तंत्र और छोटी आंत से जुड़ी बीमारियों को लेकर एक विशेष स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों को बदलती जीवनशैली, अस्वस्थ खानपान और संक्रमण के कारण बढ़ रही पेट संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूक करना था। इस अवसर पर वरिष्ठ विशेषज्ञ डॉक्टरों ने आम जनता को स्वास्थ्य संबंधी जरूरी जानकारी देते हुए संतुलित आहार और स्वच्छता के महत्व पर विस्तार से चर्चा की।

कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में मौजूद विशेषज्ञ डॉक्टर ने बताया कि आजकल युवाओं और बच्चों में पेट व आंतों से जुड़ी बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं। इसके पीछे बाहर का अस्वच्छ भोजन, अनियमित दिनचर्या और खानपान में लापरवाही प्रमुख कारण हैं। उन्होंने कहा कि छोटी आंत से जुड़ी कई गंभीर बीमारियों की शुरुआत सामान्य संक्रमण से होती है, लेकिन समय पर ध्यान न देने के कारण ये आगे चलकर बड़ी समस्या का रूप ले लेती हैं।सेमिनार के दौरान लोगों को बताया गया कि भोजन को हमेशा अच्छी तरह पकाकर ही खाना चाहिए। अधपका या बाहर लंबे समय तक रखा भोजन शरीर में बैक्टीरिया और संक्रमण फैलाने का कारण बन सकता है। विशेषज्ञों ने कहा कि विशेष रूप से हॉस्टल, पीजी या किराए पर रहने वाले छात्र अक्सर जल्दीबाजी में अधपका भोजन खा लेते हैं या बाहर का फास्ट फूड अधिक लेते हैं, जिससे पेट की समस्याएं बढ़ जाती हैं।डॉक्टरों ने लोगों को सलाह दी कि वे साफ और सुरक्षित पानी का ही उपयोग करें तथा भोजन बनाने और खाने से पहले हाथों की सफाई का विशेष ध्यान रखें। उन्होंने कहा कि संक्रमण से बचाव ही पेट और आंतों की बीमारियों से बचने का सबसे प्रभावी तरीका है। यदि लोग शुरुआत से ही स्वच्छता और सही खानपान अपनाएं तो कई बीमारियों को आसानी से रोका जा सकता है।

कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने स्वास्थ्य विशेषज्ञों द्वारा दी गई जानकारी को बेहद उपयोगी बताया। उपस्थित लोगों का कहना था कि वर्तमान समय में इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम समाज के लिए आवश्यक हैं, क्योंकि गलत जीवनशैली के कारण पाचन तंत्र से जुड़ी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। लोगों ने कहा कि ऐसे कार्यक्रमों से बीमारी की पहचान, बचाव और सही उपचार के बारे में सही जानकारी मिलती है।विशेषज्ञों ने लोगों से अपील की कि वे खुले में बिकने वाले खाद्य पदार्थों से बचें, ताजा भोजन करें और पेट संबंधी किसी भी समस्या को नजरअंदाज न करें। लगातार पेट दर्द, दस्त, गैस या पाचन संबंधी परेशानी होने पर तुरंत डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।कार्यक्रम के अंत में आयोजकों ने कहा कि भविष्य में भी स्वास्थ्य जागरूकता से जुड़े ऐसे आयोजन किए जाते रहेंगे ताकि आम लोगों को समय-समय पर स्वास्थ्य संबंधी जरूरी जानकारी मिलती रहे। सेमिनार का मुख्य संदेश यही रहा कि स्वच्छ भोजन, सुरक्षित पानी और संतुलित जीवनशैली अपनाकर पेट और छोटी आंत से जुड़ी कई गंभीर बीमारियों से बचाव संभव है।

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