डीएपी और एनपीके खाद महंगी होने से किसानों पर बढ़ेगा बोझ : सुरेश कश्यप
शिमला : भाजपा सांसद सुरेश कश्यप ने हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा डीएपी और एनपीके खाद पर दी जा रही ₹50 प्रति बोरी अतिरिक्त सब्सिडी बंद किए जाने के फैसले की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय किसानों और बागवानों के हितों के खिलाफ है तथा इससे खेती की लागत में सीधा इजाफा होगा।
सुरेश कश्यप ने आरोप लगाया कि प्रदेश के किसान पहले से ही प्राकृतिक आपदाओं, महंगाई, बढ़ती मजदूरी और मौसम की अनिश्चितताओं से जूझ रहे हैं। ऐसे समय में खाद पर मिलने वाली राहत खत्म करना किसानों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालने जैसा है। उन्होंने कहा कि डीएपी और एनपीके खाद की कीमत बढ़ने से प्रदेश के लाखों किसान प्रभावित होंगे।उन्होंने कहा कि अभी तक सरकार की ओर से खाद सब्सिडी को लेकर कोई स्पष्ट अधिसूचना जारी नहीं की गई है, लेकिन कृषि विभाग के अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि खाद का नया स्टॉक बढ़ी हुई दरों पर उपलब्ध होगा। इससे किसानों में असमंजस और चिंता का माहौल है।भाजपा सांसद ने कहा कि हिमाचल प्रदेश की अर्थव्यवस्था का बड़ा हिस्सा कृषि और बागवानी पर आधारित है तथा प्रदेश के लाखों परिवार इससे जुड़े हुए हैं। उन्होंने दावा किया कि पूर्व भाजपा सरकार किसानों को राहत देने के लिए खाद पर अतिरिक्त सहायता देती थी, जबकि वर्तमान सरकार सुविधाएं कम कर रही है।कश्यप ने प्रदेश सरकार पर वित्तीय कुप्रबंधन और किसानों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए मांग की कि खाद पर दी जा रही ₹50 प्रति बोरी सब्सिडी तुरंत बहाल की जाए। साथ ही किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराने और खेती की लागत कम करने के लिए विशेष राहत पैकेज देने की भी मांग उठाई।