Summer express/शिमला, संजू -:केशव चौहान ने शिमला शहर में बढ़ती गंदगी और कूड़ा प्रबंधन व्यवस्था को लेकर प्रदेश सरकार और नगर निगम प्रशासन पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि नगर निगम शिमला अपनी मूल जिम्मेदारियों से पीछे हट गया है,जिसके चलते शहर के विभिन्न क्षेत्रों और कस्बों में जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हुए हैं। इससे न केवल शहर की सुंदरता प्रभावित हो रही है बल्कि आवारा कुत्तों, बंदरों और छोटे बच्चों के लिए भी खतरा बढ़ गया है। साथ ही शहरवासियों में बीमारियों का खतरा भी लगातार बढ़ रहा है।
केशव चौहान ने कहा कि पिछले कई दिनों से कूड़ा निस्तारण की समस्या का कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया है। नगर निगम और कांग्रेस सरकार इस गंभीर मुद्दे को लेकर पूरी तरह लापरवाह नजर आ रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के पार्षद और प्रशासनिक टीम आपसी व्यस्तताओं में उलझी हुई है जबकि आम जनता गंदगी और बदहाल व्यवस्था से परेशान है।भाजपा जिलाध्यक्ष ने कहा कि समस्या का समाधान निकालने की बजाय नगर निगम ने हाल ही में सोसाइटी के लगभग 40 कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त कर दीं, जिससे हालात और बिगड़ने की आशंका है। उन्होंने सरकार से मांग की कि सफाई व्यवस्था से जुड़े कर्मचारियों की उचित मांगों को जल्द पूरा किया जाए और उन्हें वित्तीय लाभ दिए जाएं।उन्होंने कहा कि पिछले चार वर्षों से नगर निगम में कार्यरत कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर अधिकारियों और नेताओं के सामने लगातार गुहार लगा रहे हैं, लेकिन उनकी समस्याओं को सुनने के बजाय मामलों को और उलझाया जा रहा है। चौहान ने सफाई कर्मचारियों की मेहनत का उल्लेख करते हुए कहा कि ये कर्मचारी रोज सुबह पांच बजे से अपना काम शुरू करते हैं और दिनभर शहर की सफाई व्यवस्था को बनाए रखने में जुटे रहते हैं। ऐसे कर्मचारियों की अनदेखी करना दुर्भाग्यपूर्ण है।
केशव चौहान ने नगर निगम पर आम जनता पर आर्थिक बोझ डालने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पिछले चार वर्षों में कूड़ा और पानी की दरों में अत्यधिक बढ़ोतरी की गई है, जिससे भवन मालिकों और किराएदारों दोनों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा शहर की सड़कों की हालत भी लगातार खराब होती जा रही है। उन्होंने कहा कि शिमला की विभिन्न सर्कुलर रोड पर मरम्मत कार्य अधूरा पड़ा है और कई वर्षों से सड़कें पूरी तरह दुरुस्त नहीं हो पाई हैं।उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि नगर निगम प्रशासन आवश्यक कार्यों को चुनाव आचार संहिता का हवाला देकर टाल रहा है, जबकि निगम स्वयं आचार संहिता के दायरे से बाहर है। भाजपा ने मांग की है कि नगर निगम और सरकार तत्काल सफाई व्यवस्था सुधारने, कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान करने और शहरवासियों को राहत देने के लिए ठोस कदम उठाएं।