Summer express, अंकुर कपूर, अंबाला। अपनी लंबित मांगों को लेकर ग्रामीण सफाई कर्मचारियों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। शुक्रवार को हड़ताल के 15वें दिन अंबाला छावनी में बड़ी संख्या में सफाई कर्मचारियों ने प्रदर्शन करते हुए सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द उनकी मांगों पर फैसला नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों का कहना है कि वे पिछले करीब 19 वर्षों से ग्रामीण क्षेत्रों में सफाई व्यवस्था संभाल रहे हैं, लेकिन आज तक उन्हें स्थायी कर्मचारी का दर्जा नहीं मिला। कर्मचारियों का आरोप है कि सरकार ने उन्हें पक्का करने का आश्वासन दिया था, लेकिन वर्षों बीत जाने के बावजूद वादा पूरा नहीं किया गया।
हड़ताली कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में 26 हजार रुपये मासिक वेतन लागू करना और घोषित 2100 रुपये वेतन वृद्धि को जल्द लागू करना शामिल है। कर्मचारियों ने कहा कि महंगाई लगातार बढ़ रही है, लेकिन उनके वेतन और सुविधाओं में कोई सुधार नहीं हुआ है, जिससे परिवार चलाना मुश्किल हो रहा है।
कर्मचारी संघ के जिला महासचिव रोहताश कुमार ने मीडिया से बातचीत में कहा कि सफाई कर्मचारी लंबे समय से अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को कर्मचारियों की समस्याओं का जल्द समाधान करना चाहिए, अन्यथा आंदोलन और तेज किया जाएगा।
वहीं CITU प्रधान रितेश सेठी ने कहा कि कर्मचारियों की अनदेखी अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द वार्ता कर समाधान नहीं निकाला तो प्रदेश स्तर पर बड़ा आंदोलन शुरू किया जा सकता है।
प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने सरकार से जल्द स्थायी नियुक्ति और वेतन संबंधी मांगों को पूरा करने की अपील की। हड़ताल के चलते कई ग्रामीण क्षेत्रों में सफाई व्यवस्था प्रभावित होने लगी है, जिससे स्थानीय लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।