Summer express/शिमला,संजू -:केंद्र सरकार द्वारा पेट्रोल और डीजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा जमाखोरी, कालाबाजारी और ईंधन के दुरुपयोग पर रोक लगाने के लिए जारी किए गए नए नियंत्रण आदेश का असर अब हिमाचल प्रदेश के बागवानी क्षेत्र में भी दिखाई देने लगा है। राज्य के कई क्षेत्रों में किसानों और बागवानों को पेट्रोल और डीजल की उपलब्धता को लेकर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, जिससे खेती और बागवानी से जुड़ी दैनिक गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं।केंद्र सरकार ने हाल ही में पेट्रोल और डीजल की थोक खरीद पर कुछ प्रतिबंध लगाए हैं। इसके बाद प्रदेश के बागवानों ने ईंधन की उपलब्धता को लेकर चिंता जताई है। उनका कहना है कि बागवानी कार्यों में उपयोग होने वाली मशीनरी, सिंचाई उपकरणों और परिवहन के लिए डीजल की आवश्यकता होती है, लेकिन नई व्यवस्था के कारण उन्हें दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
इस मुद्दे को हिमाचल कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष एवं ठियोग विधानसभा क्षेत्र के विधायक कुलदीप सिंह राठौर ने गंभीर बताते हुए बागवानों को तत्काल राहत देने की मांग की है। राठौर ने कहा कि यदि समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं किया गया तो इसका सीधा असर बागवानी गतिविधियों और किसानों की आजीविका पर पड़ सकता है। उन्होंने इस संबंध में प्रदेश के बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी और शिमला के उपायुक्त अनुपम कश्यप से भी बातचीत की है। राठौर ने राज्य सरकार से आग्रह किया है कि वह इस मामले को केंद्र सरकार के समक्ष प्रभावी ढंग से उठाए और बागवानों के लिए आवश्यक राहत सुनिश्चित करे, ताकि खेती और बागवानी कार्य प्रभावित न हों। उन्होंने पूछा रहा कि जब केंद्र सरकार यह कह रही है कि डीज़ल-पेट्रोल की कोई कमी नहीं है, तो इस तरह का प्रतिबंध क्यों लगाया जा रहा है।