Summer express/चंबा, मंजूर पठान -: चंबा जिले की प्रसिद्ध पर्यटन नगरी डलहौजी अपनी प्राकृतिक सुंदरता और शांत वातावरण के लिए देश-विदेश में पहचान रखती है। हर वर्ष यहां बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं, लेकिन इन दिनों क्षेत्र के कई इलाकों में ब्लैक बियर की बढ़ती मौजूदगी चिंता का विषय बन रही है। वन विभाग के अनुसार, जंगलों से निकलकर रिहायशी क्षेत्रों में पहुंच रहे ब्लैक बियर का मुख्य कारण खुले में फेंका जा रहा खाद्य अपशिष्ट और अन्य वेस्ट मटेरियल है। विभाग का कहना है कि होटलों, ढाबों और घरों के आसपास खुले में पड़ा कचरा भालुओं को आकर्षित करता है, जिससे उनके आबादी वाले क्षेत्रों में आने की घटनाएं बढ़ रही हैं। कई बार ऐसी परिस्थितियों में मानव-वन्यजीव संघर्ष की स्थिति भी पैदा हो जाती है, जिससे स्थानीय लोगों और पर्यटकों की सुरक्षा पर असर पड़ सकता है। इसी को देखते हुए वन विभाग ने लोगों से सतर्कता बरतने और कचरे के उचित निस्तारण की अपील की है।
वन मंडल डलहौजी के डीएफओ रजनीश महाजन ने बताया कि ब्लैक बियर सामान्यतः जंगलों में ही रहते हैं, लेकिन जब उन्हें वहां पर्याप्त भोजन नहीं मिलता या फिर रिहायशी क्षेत्रों में खाने की आसान उपलब्धता दिखाई देती है, तो वे आबादी की ओर रुख कर लेते हैं। उन्होंने कहा कि होटलों और घरों से निकलने वाला खाद्य अपशिष्ट यदि खुले में छोड़ दिया जाए तो उसकी गंध भालुओं को आकर्षित करती है। यही वजह है कि हाल के दिनों में डलहौजी और आसपास के क्षेत्रों में ब्लैक बियर के देखे जाने की घटनाएं सामने आई हैं।डीएफओ ने होटल संचालकों, स्थानीय निवासियों और पंचायत प्रतिनिधियों से अपील की कि वे वेस्ट मटेरियल को खुले में फेंकने के बजाय वैज्ञानिक तरीके से कंपोस्ट करें और कचरे का उचित प्रबंधन सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि वन्यजीवों को उनके प्राकृतिक आवास में बनाए रखने और मानव-वन्यजीव संघर्ष को रोकने के लिए जनसहयोग बेहद आवश्यक है।