Summer express/करनाल/राकेश कुमार शर्मा -:खाटू श्याम और सालासर बालाजी के दर्शन के लिए निकले करनाल के श्रद्धालुओं की आस्था से भरी यात्रा कुछ ही पलों में मातम में बदल गई। जींद जिले के जुलाना क्षेत्र में नेशनल हाईवे-152डी पर हुए भीषण सड़क हादसे में तीन श्रद्धालुओं की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो महिलाएं गंभीर रूप से घायल हैं और अस्पताल में उनका इलाज जारी है। इस हादसे ने न केवल तीन परिवारों को गहरा सदमा दिया बल्कि पूरे करनाल शहर को शोक में डुबो दिया। दुख की इस घड़ी में मृतकों के परिजनों ने नेत्रदान का फैसला लेकर मानवता की अनूठी मिसाल भी पेश की।
जानकारी के अनुसार करनाल से पांच श्रद्धालु ग्रैंड विटारा कार में सवार होकर खाटू श्याम धाम के लिए रवाना हुए थे। यात्रा के दौरान जुलाना के पास अचानक एक आवारा कुत्ता कार के सामने आ गया। चालक ने पशु को बचाने के लिए तुरंत ब्रेक लगाए, जिससे कार रुक गई और तकनीकी खराबी के कारण बंद हो गई। इसके बाद वाहन में सवार कुछ लोग कार की जांच के लिए नीचे उतर गए, जबकि दो महिलाएं सड़क किनारे खड़ी हो गईं।इसी दौरान पीछे से तेज रफ्तार में आ रहा एक कैंटर अनियंत्रित हो गया। कैंटर पहले खड़ी कार से टकराया और फिर नीचे खड़े श्रद्धालुओं को अपनी चपेट में लेता हुआ लगभग 20 फीट गहरी खाई में जा गिरा। हादसा इतना भयावह था कि तीन लोगों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई, जबकि दो महिलाएं गंभीर रूप से घायल हो गईं। सूचना मिलते ही पुलिस और राहत दल मौके पर पहुंचे तथा घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया।
हादसे में जान गंवाने वालों की पहचान करनाल के सेक्टर-8 निवासी धर्मपाल वासन, उनके समधी राजकुमार तुली तथा उनकी साली स्वीटी के रूप में हुई है। तीनों की असामयिक मौत से परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। बताया जा रहा है कि मृतकों के बच्चे विदेश में रहते हैं। उन्हें घटना की सूचना दे दी गई है और उनके भारत पहुंचने के बाद अंतिम संस्कार किया जाएगा।
घटना में घायल दोनों महिलाओं का अस्पताल में उपचार जारी है। चिकित्सकों के अनुसार उनकी स्थिति गंभीर बनी हुई है और विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में इलाज किया जा रहा है। परिजन लगातार अस्पताल में मौजूद हैं और उनके जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना कर रहे हैं।मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए करनाल के कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के शवगृह में रखा गया है। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद सोमवार को अंतिम संस्कार किया जाएगा।इस दर्दनाक हादसे के बीच मृतकों के परिवारों ने ऐसा फैसला लिया जिसने हर किसी की आंखें नम कर दीं। समाजसेवी राजकुमार के अनुसार परिजनों ने तीनों दिवंगत श्रद्धालुओं के नेत्रदान की सहमति देकर यह संदेश दिया कि इंसान अपने जाने के बाद भी किसी के जीवन में उजाला भर सकता है। शोक की इस घड़ी में लिया गया यह निर्णय समाज के लिए प्रेरणादायक माना जा रहा है।