Summer express, फरीदकोट। पंजाब के फरीदकोट जिले में गुरुवार सुबह हुई मानसून की पहली बारिश ने नगर प्रशासन की तैयारियों की पोल खोल दी। कुछ घंटों की बारिश के बाद ही फरीदकोट, कोटकपूरा और जैतो के कई प्रमुख इलाके जलभराव की चपेट में आ गए, जिससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ।
फरीदकोट शहर के कई मुख्य मार्गों, रिहायशी इलाकों और निचले क्षेत्रों में लंबे समय तक पानी जमा रहा। कई जगह सड़कों पर करीब एक फुट तक पानी भर गया, जिससे वाहन चालकों और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। दोपहिया वाहन बीच रास्ते में बंद हो गए, जबकि लोगों को घुटनों तक पानी में होकर गुजरना पड़ा।
बारिश के कारण स्कूल जाने वाले बच्चों, दफ्तर कर्मचारियों और बाजार पहुंचने वाले लोगों को आवागमन में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कई क्षेत्रों में सड़कें तालाब जैसी नजर आईं।
कोटकपूरा में मुख्य मार्ग, बस अड्डा क्षेत्र और पुराने शहर के कई हिस्सों में जलभराव की स्थिति बनी रही। वहीं जैतो के मुख्य बाजार और आसपास की सड़कों पर भी पानी भर गया। दुकानों के बाहर पानी जमा होने से ग्राहकों की आवाजाही प्रभावित हुई, जबकि कुछ व्यापारियों ने सामान खराब होने की आशंका जताई।
स्थानीय लोगों ने नगर परिषद और संबंधित विभागों पर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि यदि बारिश से पहले नालों और सीवरेज व्यवस्था की समय पर सफाई करवाई जाती तो हालात इतने खराब नहीं होते। लोगों के मुताबिक कई स्थानों पर नालियां गाद, प्लास्टिक और कचरे से भरी हुई थीं, जिसके कारण बारिश का पानी समय पर नहीं निकल पाया।
शहरवासियों ने कहा कि हर साल बारिश से पहले जल निकासी व्यवस्था दुरुस्त करने के दावे किए जाते हैं, लेकिन पहली ही बारिश में शहर का हाल बिगड़ जाना चिंता का विषय है। उन्होंने मांग की कि जिन इलाकों में हर वर्ष जलभराव होता है, वहां स्थायी समाधान के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।
व्यापारियों और स्थानीय निवासियों ने चेतावनी दी कि यदि आने वाले दिनों में लगातार बारिश हुई तो स्थिति और गंभीर हो सकती है। उन्होंने प्रशासन से तुरंत जल निकासी व्यवस्था की समीक्षा कर जरूरी सुधारात्मक कदम उठाने की मांग की है, ताकि पूरे मानसून सीजन में लोगों को राहत मिल सके।