अशवनी पाहवा | लुधियाना
बीते दिनों 26 जून मुहर्रम के दिन लुधियाना शहर में हुए धार्मिक आयोजनों के बीच की गई बेअदबी और हुल्लड़बाज़ी पर पंजाब के शाही इमाम मौलाना मोहम्मद उस्मान रहमानी लुधियानवी ने सख्त ऐतराज जताया है।
लुधियाना जामा मस्जिद का एक शिष्ट मंडल इस विषय में लुधियाना पुलिस कमिश्नर दफ्तर गया, जहां उन्होंने एडिशनल कमिश्नर रुपिंदर सिंह को लिखित रूप में मुहर्रम के दिन हुल्लड़बाजी करके बेअदबी भी करने और शहर का माहौल खराब करने वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के लिए शिकायत पत्र सौंपा। वर्णन योग है कि मुहर्रम के दिन लुधियाना के कई इलाकों में डीजे पर धार्मिक चीजों की बजाए गाने चलाए गए नाचा गया जिसमें औरत भी शामिल थी। वह शराबी लोग भी उसमें शामिल हुए वह बड़ी संख्या में नौजवान लड़कों ने डंडे तलवारे में अलग-अलग तरह के हथियार लहराकर माहौल को खराब करने की कोशिश की। इस विषय में आज पंजाब के शाही इमाम मौलाना मोहम्मद उस्मान रहमानी लुधियानवी ने पत्रकार सम्मेलन में कहा कि इस्लाम धर्म में शराब, नाच गाना और औरतों का बेपर्दा इस तरह नाचना शर्म की बात है और बड़ी संख्या में बिना किसी व्यवस्था के हथियार उठा के आम जनता को डरने की कोशिश करना अफसोसनाक है। मुहर्रम का दिन कौन कैसे मनाता है इससे हमें कोई भेदभाव नहीं लेकिन इस दिन मुहर्रम के नाम पर इस्लाम धर्म की बदनामी करने और गुंडागर्दी करने की किसी भी मुस्लिम संस्था को इजाजत नहीं दी जा सकती। उन्होंने कहा कि हैरत की बात है कि जिन संस्थाओं ने मुहर्रम के आयोजन की मंजूरी ली वह जनता पर काबू पाने में असमर्थ नजर आई। उन्होंने कहा कि अगर कोई भी आयोजक प्रबंध सही नहीं रख सकता तो उसे जिम्मेदारी नहीं उठानी चाहिए। शाही इमाम ने कहा कि हम सभी प्रवासी भाइयों का सम्मान करते हैं।
वह लुधियाना की इंडस्ट्री की रीड की हड्डी हैं, लेकिन प्रवासियों के नाम पर कोई मंजूरी लेकर अगर इस्लाम धर्म और शहर के भाईचारे के साथ खिलवाड़ करना चाहेगा तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। लुधियाना में कई साल से प्रवासी भाईचारा अपना योगदान डाल रहा है मैं उनसे भी कहता हूं कि कोई भी त्यौहार हो उसे सही तरीके से मनाए उस में कभी कुछ ऐसा ना करें जिससे धर्म और सामाजिक व्यवस्था बिगड़ने का खतरा हो।