मोनिका रावत , पंचकूला। चंडीमंदिर सैन्य स्टेशन में तैनात लेफ्टिनेंट कर्नल आशीष चंदोक से कथित मारपीट के मामले ने मंगलवार को पंचकूला जिला अदालत में बड़ा विवाद खड़ा कर दिया। सेना के अधिकारी की शिकायत पर वकीलों के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने के विरोध में पंचकूला बार एसोसिएशन ने वर्क सस्पेंड करने का फैसला लिया। वकीलों की हड़ताल के चलते जिला अदालत में कई मामलों की सुनवाई प्रभावित रही और पक्षकारों को अगली तारीख लेकर लौटना पड़ा।
सेक्टर-7 थाना पुलिस में दर्ज एफआईआर में लेफ्टिनेंट कर्नल आशीष चंदोक ने आरोप लगाया है कि नौ जुलाई को फैमिली कोर्ट में पत्नी से जुड़े मामलों की सुनवाई के दौरान विपक्ष के अधिवक्ता मनिंदर सिंह बिट्टा और अन्य वकीलों ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया। शिकायत के अनुसार अदालत कक्ष के बाहर उनके साथ मारपीट की गई और बाद में उन्हें अधिवक्ता एन.एस. सोढ़ी के चैंबर में ले जाकर बंधक बनाकर फिर पीटा गया।
लेफ्टिनेंट कर्नल का आरोप है कि उन्हें धमकाकर पांच-छह पंक्तियों के एक राजीनामे पर बिना पढ़े हस्ताक्षर कराए गए। शिकायत के बाद कराए गए मेडिकल परीक्षण में उनकी टेलबोन (कॉक्सिक्स) में फ्रैक्चर की आशंका जताई गई है। पुलिस ने स्वेच्छा से चोट पहुंचाने, गंभीर चोट, आपराधिक धमकी और दंगा सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया है।
उधर, एफआईआर दर्ज होने के विरोध में बार एसोसिएशन ने मंगलवार को न्यायिक कार्य का बहिष्कार किया। हड़ताल के कारण अदालतों में नियमित सुनवाई प्रभावित रही और बड़ी संख्या में मामलों में सुनवाई नहीं हो सकी।
सेक्टर-7 थाना प्रभारी इंस्पेक्टर राजबीर यादव ने बताया कि मामले की जांच जारी है। कोर्ट परिसर के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और मेडिकल रिपोर्ट पर विशेषज्ञों की अंतिम राय भी ली जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच में सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।