पटियाला। पंजाब पुलिस ने पटियाला में अवैध हथियारों की तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए घर तक हथियार पहुंचाने वाले एक कथित गिरोह का भंडाफोड़ किया है।
पुलिस ने इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 15 अवैध पिस्तौल, कारतूस और अन्य सामग्री बरामद की है। प्रारंभिक जांच के अनुसार, आरोपी कथित तौर पर ग्राहकों से संपर्क कर उनकी मांग के अनुसार हथियारों की आपूर्ति करते थे। पुलिस का कहना है कि गिरोह की गतिविधियों और उसके नेटवर्क की गहन जांच की जा रही है। पंजाब पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई गुप्त सूचना के आधार पर की गई। पुलिस टीम ने संदिग्धों को घेराबंदी कर गिरफ्तार किया और तलाशी के दौरान उनके पास से हथियार बरामद किए। प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी विभिन्न माध्यमों से ग्राहकों से संपर्क करते थे और तय स्थानों के बजाय सीधे उनके ठिकानों तक हथियार पहुंचाने की कोशिश करते थे, ताकि पुलिस की निगरानी से बचा जा सके। पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने के लिए आरोपियों से पूछताछ जारी है।
सप्लाई नेटवर्क की जांच तेज
जांच अधिकारियों के अनुसार, पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि बरामद हथियार कहां से लाए गए थे और इन्हें किन लोगों तक पहुंचाया जाना था। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि क्या गिरोह का संबंध किसी अंतरराज्यीय हथियार तस्करी नेटवर्क या संगठित आपराधिक गिरोह से है। पुलिस ने आरोपियों के मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को भी जांच के लिए कब्जे में लिया है, ताकि उनके संपर्कों और लेन-देन की जानकारी जुटाई जा सके। पुलिस का कहना है कि शुरुआती जांच में गिरोह के अन्य सदस्यों के बारे में भी कुछ अहम सुराग मिले हैं। इन सूचनाओं के आधार पर संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, मामले में आगे और गिरफ्तारियां होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
सुरक्षा एजेंसियां सतर्क
पंजाब में हाल के वर्षों में अवैध हथियारों की तस्करी पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस लगातार अभियान चला रही है। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि ऐसे नेटवर्क कानून-व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती बन सकते हैं। हथियारों की अवैध आपूर्ति से जुड़े मामलों में विशेष निगरानी रखी जा रही है और विभिन्न जिलों में अभियान तेज किए गए हैं।
कई पहलुओं की पड़ताल
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ और तकनीकी जांच के आधार पर पूरे नेटवर्क का खुलासा करने का प्रयास किया जा रहा है। बरामद हथियारों की फॉरेंसिक जांच भी कराई जाएगी, ताकि यह पता लगाया जा सके कि उनका इस्तेमाल पहले किसी आपराधिक वारदात में हुआ है या नहीं। पुलिस का कहना है कि मामले में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।