चंडीगढ़
पंजाब के रूपनगर जिले के नंगल क्षेत्र के 14 गांवों का राजस्व रिकॉर्ड कथित रूप से गायब होने का मामला अब राजनीतिक तूल पकड़ने लगा है।
भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री मदन मोहन मित्तल ने इस मामले में पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया को ज्ञापन सौंपकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि राजस्व अभिलेखों के गायब होने से हजारों किसानों और जमीन मालिकों के अधिकार प्रभावित हो सकते हैं तथा पूरे मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए।
भाजपा नेता ने राज्यपाल से दोषी अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करने और लापता रिकॉर्ड का जल्द पता लगाने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते अभिलेख बरामद नहीं हुए तो भविष्य में भूमि संबंधी विवाद और कानूनी समस्याएं बढ़ सकती हैं।
दूसरी ओर, प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच जारी है और उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर तथ्यों का सत्यापन किया जा रहा है।
ग्रामीणों में बढ़ी चिंता
ग्रामीणों और किसानों ने भी राजस्व रिकॉर्ड सुरक्षित रखने तथा पूरे मामले में पारदर्शिता बरतने की मांग की है। उनका कहना है कि जमीन संबंधी दस्तावेजों की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है। फिलहाल मामले की जांच जारी है और प्रशासन की विस्तृत रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।