अयोध्या। अयोध्या स्थित राम मंदिर में चढ़ावे की रकम चोरी करने के आरोप में गिरफ्तार दो आरोपियों को पुलिस ने जेल से अपनी हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास करेगी कि मंदिर से पैसे चोरी करने की योजना कैसे बनाई गई, कितनी रकम गायब की गई और चोरी के बाद उसे कहां छिपाया गया या खर्च किया गया।
पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपियों से वारदात से जुड़े सभी पहलुओं पर पूछताछ की जाएगी। जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि क्या इस मामले में कोई अन्य व्यक्ति शामिल था या आरोपियों ने अकेले ही पूरी घटना को अंजाम दिया। पुलिस चोरी की रकम की बरामदगी को प्राथमिकता दे रही है।
सूत्रों के मुताबिक, मंदिर परिसर में सुरक्षा व्यवस्था और चढ़ावे की रकम की निगरानी से जुड़े पहलुओं की भी समीक्षा की जा रही है। जांच एजेंसियां आरोपियों के मोबाइल रिकॉर्ड, संपर्कों और आर्थिक लेन-देन की जानकारी भी जुटा सकती हैं, ताकि मामले की पूरी कड़ी सामने आ सके।
{सीईओ पद के लिए आवेदनों की बाढ़ : राम मंदिर से जुड़े एक महत्वपूर्ण पद मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू होने के बाद बड़ी संख्या में उम्मीदवारों ने रुचि दिखाई है। जानकारी के अनुसार, 24 घंटे के भीतर ही करीब 1000 आवेदन प्राप्त हुए हैं।
ट्रस्ट की ओर से पद के लिए योग्य उम्मीदवारों का चयन तय प्रक्रिया के तहत किया जाएगा। सीईओ पद के लिए प्रशासनिक अनुभव, प्रबंधन क्षमता और धार्मिक संस्थानों के संचालन की समझ रखने वाले उम्मीदवारों को प्राथमिकता दिए जाने की संभावना है। आवेदन आने के बाद अब ट्रस्ट स्तर पर उनकी छंटनी और आगे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
{सुरक्षा और व्यवस्था पर फोकस: राम मंदिर में श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए ट्रस्ट और प्रशासन लगातार व्यवस्थाओं को मजबूत करने में जुटे हैं। चढ़ावे की रकम और अन्य व्यवस्थाओं की निगरानी को लेकर सुरक्षा उपायों को और प्रभावी बनाने पर भी जोर दिया जा रहा है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि चोरी मामले में जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि वारदात में कितनी रकम शामिल थी और इसके पीछे किसी बड़ी साजिश की भूमिका थी या नहीं। फिलहाल आरोपियों से पूछताछ जारी है।