Summer express, मुंबई | एशियाई बाजारों से मिले कमजोर संकेत और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल का असर सोमवार को भारतीय शेयर बाजार पर भी देखने को मिला। कारोबारी सत्र की शुरुआत गिरावट के साथ हुई, जहां सेंसेक्स और निफ्टी दोनों दबाव में कारोबार करते नजर आए।
खबर लिखे जाने तक बीएसई सेंसेक्स 568.83 अंक फिसलकर 77,582.62 पर कारोबार कर रहा था, जबकि निफ्टी-50 137 अंक की गिरावट के साथ 24,197.30 के स्तर पर पहुंच गया।
हालांकि, पिछले कारोबारी सत्र में बाजार ने शानदार तेजी दर्ज की थी। उस दिन सेंसेक्स 964.58 अंकों की बढ़त के साथ 78,151.45 पर बंद हुआ था, जबकि निफ्टी 261.55 अंक चढ़कर 24,334.30 के स्तर पर बंद हुआ था।
रुपये में भी कमजोरी
विदेशी मुद्रा बाजार में भी रुपये पर दबाव देखने को मिला। डॉलर के मुकाबले रुपया करीब 0.1 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 96.40 पर खुला, जबकि पिछले कारोबारी सत्र में यह 96.28 पर बंद हुआ था। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स के 30 में से 15 शेयर लाल निशान में कारोबार करते दिखाई दिए।
इन सेक्टरों पर सबसे ज्यादा दबाव
व्यापक बाजार (ब्रॉडर मार्केट) में भी हल्की कमजोरी देखने को मिली। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में 0.02 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स में 0.09 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो निफ्टी प्राइवेट बैंक सबसे अधिक दबाव में रहा। इसके अलावा निफ्टी बैंक और निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज में भी कमजोरी दर्ज की गई। वहीं, निफ्टी पीएसयू बैंक इंडेक्स ने अन्य सेक्टरों के मुकाबले बेहतर प्रदर्शन करते हुए बढ़त हासिल की।
कच्चे तेल की बढ़ती कीमत बनी चिंता
बाजार पर दबाव का एक प्रमुख कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई तेज तेजी भी रही। ब्रेंट क्रूड का जुलाई वायदा 2.45 प्रतिशत की बढ़त के साथ 90.26 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर पहुंच गया, जो 90 डॉलर प्रति बैरल के अहम स्तर को पार कर गया।
विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिका द्वारा लगातार नौवीं रात ईरानी ठिकानों पर किए गए हमलों के बाद पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ा है। इसी वजह से कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई, जिसका असर वैश्विक शेयर बाजारों के साथ भारतीय बाजार पर भी देखने को मिला। बढ़ती तेल कीमतें आयात लागत और महंगाई की चिंता बढ़ाती हैं, जिससे निवेशकों का रुझान फिलहाल सतर्क बना हुआ है।