Summer express/फरीदाबाद,अनिल मंगला-:दिल्ली में आयोजित कांग्रेस के प्रस्तावित कार्यक्रम में भाग लेने के लिए रवाना होने की तैयारी कर रहे फरीदाबाद के कई कांग्रेस नेताओं को बुधवार सुबह पुलिस ने उनके आवासों पर ही रोक दिया। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद जिले में राजनीतिक माहौल गरमा गया है। कांग्रेस नेताओं ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताते हुए सरकार और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं।
जानकारी के अनुसार, ओल्ड फरीदाबाद से कांग्रेस नेता लखन सिंगला, एनआईटी क्षेत्र के वरिष्ठ नेता सतवीर डागर, पूर्व विधायक नीरज शर्मा, बल्लभगढ़ के कांग्रेस नेता मनोज अग्रवाल सहित कई पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के घरों पर सुबह से ही पुलिस बल तैनात कर दिया गया। नेताओं का आरोप है कि उन्हें घर से बाहर निकलने की अनुमति नहीं दी गई, जिससे वे दिल्ली में होने वाले कार्यक्रम में शामिल नहीं हो सके।बताया जा रहा है कि प्रशासन को कार्यक्रम के दौरान कानून-व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका थी। इसी के मद्देनजर एहतियात के तौर पर यह कदम उठाया गया। कई स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती भी की गई ताकि किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो और शांति व्यवस्था बनी रहे।कांग्रेस नेताओं ने पुलिस की कार्रवाई का विरोध करते हुए कहा कि किसी राजनीतिक दल के शांतिपूर्ण कार्यक्रम में भाग लेना प्रत्येक नागरिक और जनप्रतिनिधि का संवैधानिक अधिकार है। नेताओं का कहना है कि बिना किसी स्पष्ट कारण के उन्हें घरों में रोकना लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है। उनका आरोप है कि विपक्ष की आवाज को दबाने के उद्देश्य से इस प्रकार की कार्रवाई की जा रही है।दूसरी ओर, पुलिस प्रशासन की ओर से इस पूरे मामले में अभी तक कोई विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। हालांकि सूत्रों का कहना है कि यह कदम केवल सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से उठाया गया था।
घटना के बाद जिले में राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भी प्रशासन की कार्रवाई पर नाराजगी जताई है और इसे लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए चिंताजनक बताया है। वहीं राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस घटनाक्रम के बाद प्रदेश की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर और तेज हो सकता है।फिलहाल सभी की नजर प्रशासन की आधिकारिक प्रतिक्रिया और कांग्रेस की आगामी रणनीति पर टिकी हुई है।