नई दिल्ली। नीट और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित पेपर लीक तथा छात्रों के प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई (लाठीचार्ज) को लेकर बुधवार को संसद में जोरदार हंगामा हुआ। समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस ने जरूरत से ज्यादा बल प्रयोग किया।
उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारियों के सिर फोड़े गए और छात्राओं के कपड़े तक फाड़े गए। अखिलेश ने सवाल उठाया कि पुलिस को देश की बेटियों के साथ इस तरह का व्यवहार करने का अधिकार किसने दिया। पुलिस कार्रवाई के विरोध में कांग्रेस नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, अखिलेश यादव समेत कई विपक्षी सांसद संसद परिसर में काले कपड़े पहनकर पहुंचे। विपक्ष ने इसे छात्रों के साथ कथित ज्यादती का विरोध बताया। अखिलेश यादव ने कहा कि काला रंग विरोध और दुख का प्रतीक है। विपक्षी सांसदों ने सरकार से कथित पेपर लीक और परीक्षा व्यवस्था में अनियमितताओं पर चर्चा कराने की मांग की।
संसद के दोनों सदनों में विपक्षी सदस्यों के हंगामे के कारण कार्यवाही बाधित हुई। विपक्ष का कहना है कि छात्रों के भविष्य से जुड़े इस मुद्दे पर सरकार को जवाब देना चाहिए। वहीं, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि सरकार पेपर लीक के मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन सदन को चलने दिया जाना चाहिए। उन्होंने विपक्ष से चर्चा में हिस्सा लेने की अपील की। भाजपा ने विपक्ष पर छात्रों के नाम पर राजनीति करने का आरोप लगाया।
राहुल गांधी बोले- 10 साल में 152 पेपर लीक, 3 मांगें रखीं
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने परीक्षा पेपर लीक के मुद्दे पर केंद्र सरकार पर हमला बोला। उन्होंने दावा किया कि पिछले 10 वर्षों में 152 परीक्षा पेपर लीक हुए और इन मामलों में किसी को सजा नहीं मिली। राहुल ने कहा कि इन घटनाओं से करीब 7.5 करोड़ छात्र प्रभावित हुए हैं। उन्होंने इसे युवाओं के भविष्य से जुड़ा गंभीर मुद्दा बताया। राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान काली पट्टी बांध रखी थी। उन्होंने परीक्षा व्यवस्था में कथित अनियमितताओं और छात्रों के विरोध प्रदर्शनों से जुड़े वीडियो भी दिखाए। उनका आरोप था कि पेपर लीक के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हो रही।