Summer express राकेश कुमार शर्मा , करनाल। शहीद चंद्रशेखर आजाद की जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में बादली से कांग्रेस विधायक कुलदीप वत्स ने केंद्र और हरियाणा सरकार पर कई मुद्दों को लेकर तीखा हमला बोला। उन्होंने दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे छात्रों और युवाओं के आंदोलन का समर्थन करते हुए कथित लाठीचार्ज की निंदा की। साथ ही भरत तिवारी प्रकरण, पेपर लीक विवाद और संसद के गतिरोध जैसे मुद्दों पर भी सरकार को घेरा।
कार्यक्रम के दौरान कुलदीप वत्स ने शहीद चंद्रशेखर आजाद को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि देश की आजादी शहीदों के बलिदान का परिणाम है। उन्होंने कहा कि आज जिस लोकतंत्र की रक्षा के लिए शहीदों ने अपने प्राण न्योछावर किए, उसी लोकतंत्र में अपनी आवाज उठाने वाले युवाओं पर बल प्रयोग किया जा रहा है, जो बेहद चिंताजनक है।
भरत तिवारी मामले का जिक्र करते हुए विधायक ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि भरत तिवारी की फर्जी मुठभेड़ में हत्या की गई। वत्स ने कहा कि भरत तिवारी गरीबों, किसानों, मजदूरों और दलितों की आवाज थे। उन्होंने बताया कि कांग्रेस ने इस मामले में “न्याय की लौ” अभियान शुरू किया है और न्याय मिलने तक संघर्ष जारी रहेगा।
जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन के समर्थन में बोलते हुए कुलदीप वत्स ने कहा कि युवाओं और छात्राओं के साथ कथित दुर्व्यवहार लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि यदि छात्र शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं तो उनकी बात सुनी जानी चाहिए, न कि उन पर बल प्रयोग किया जाए। उन्होंने आंदोलनरत युवाओं के साहस की सराहना करते हुए कहा कि वे अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
पेपर लीक मामले पर धार्मिक वक्ता धीरेंद्र शास्त्री की टिप्पणी का समर्थन करते हुए वत्स ने कहा कि मेहनत करने वाले लाखों छात्रों और उनके परिवारों की भावनाओं को समझना जरूरी है। उन्होंने कहा कि पेपर लीक जैसी घटनाएं युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ हैं और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
संसद में जारी गतिरोध पर भी उन्होंने केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहराया। उनका कहना था कि संसद की कार्यवाही बाधित होने से जनता का पैसा और समय दोनों बर्बाद हो रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार शिक्षा मंत्री का बचाव करने में लगी है, जबकि युवाओं के मुद्दों पर गंभीरता नहीं दिखाई जा रही।
पूर्व मंत्री ओपी धनखड़ के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कुलदीप वत्स ने कहा कि सत्ता के अहंकार में भाजपा नेताओं की भाषा मर्यादा से बाहर होती जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जनता की आवाज सुनने के बजाय उसे दबाने का प्रयास कर रही है।