Summer express, आरविंदर सिंह, हमीरपुर | हमीरपुर जिला के उपमंडल सुजानपुर के उपडाकघर भलेठ के अंतर्गत आने वाली करोट डाक शाखा में तैनात ग्रामीण डाक सेवक के कमरे से बड़ी संख्या में अवितरित डाक, सरकारी दस्तावेज, एटीएम कार्ड, पैन कार्ड, आधार कार्ड और अन्य महत्वपूर्ण डाक सामग्री बरामद होने के मामले में डाक विभाग ने कड़ी कार्रवाई करते हुए संबंधित ग्रामीण डाक सेवक साहिल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। विभाग ने मामले को गंभीर मानते हुए विस्तृत विभागीय जांच भी शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि करोट डाक शाखा के अंतर्गत आने वाले करीब 20 गांवों के लोगों तक लंबे समय से डाक का वितरण नहीं किया जा रहा था, जिसकी शिकायतें लगातार विभाग को मिल रही थीं।
वरिष्ठ डाक अधीक्षक कंचन सिंह चौहान ने बताया कि क्षेत्र के डाक निरीक्षक नियमित निरीक्षण के लिए पहुंचे थे। निरीक्षण के दौरान उन्हें संदेह हुआ कि संबंधित क्षेत्र में डाक का वितरण नियमानुसार नहीं हो रहा है। इसके बाद अधिकारियों ने स्थानीय लोगों से पूछताछ की और ग्रामीण डाक सेवक के आवास की जांच की। तलाशी के दौरान उसके कमरे से बड़ी मात्रा में अवितरित डाक बरामद हुई। उन्होंने बताया कि जांच के दौरान कुछ ऐसे दस्तावेज भी मिले हैं, जिन पर कथित रूप से फर्जी हस्ताक्षर किए गए थे। अधिकारियों ने ग्रामीण डाक सेवक के कब्जे से 221 रजिस्ट्री और स्पीड पोस्ट के आर्टिकल तथा 611 सामान्य (ऑर्डिनरी) डाक बरामद की। इस तरह कुल 832 डाक सामग्री उसके पास से मिली। उन्होंने कहा कि बरामद डाक को उसी दिन विभाग के स्थानीय कर्मचारियों के सुपुर्द कर दिया गया और तत्काल लोगों तक पहुंचाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई। अब अधिकांश लंबित डाक संबंधित लोगों को वितरित की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि मामला बेहद गंभीर है, इसलिए संबंधित ग्रामीण डाक सेवक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। जिन लोगों को समय पर डाक नहीं मिली, उनके बयान दर्ज किए जा रहे हैं। जांच पूरी होने के बाद संबंधित कर्मचारी को विभागीय आरोप पत्र जारी किया जाएगा और ग्रामीण डाक सेवकों के सेवा नियमों के तहत नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
गौरतलब है कि शिकायतों के आधार पर संबंधित क्षेत्र के निरीक्षक ने जांच की थी, जिसमें डाक सेवक के कमरे से चिट्ठियां, सरकारी दस्तावेज, एटीएम कार्ड, पैन कार्ड, आधार कार्ड सहित बड़ी मात्रा में अन्य डाक सामग्री बरामद हुई। इस मामले के सामने आने के बाद क्षेत्र के लोगों में भी हैरानी है। डाक विभाग का कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और यदि जांच में अन्य अनियमितताएं सामने आती हैं तो संबंधित कर्मचारी के खिलाफ और भी कड़ी विभागीय कार्रवाई की जाएगी। साथ ही भविष्य में इस तरह की लापरवाही दोबारा न हो, इसके लिए निगरानी व्यवस्था को और अधिक सख्त किया जाएगा, ताकि लोगों तक उनकी महत्वपूर्ण डाक समय पर और सुरक्षित ढंग से पहुंचाई जा सके।