Summer express, सोनीपत। लघु सचिवालय में जिला परिवाद एवं कष्ट निवारण समिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता करते हुए शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने अधिकारियों को आमजन के साथ संवेदनशील और सम्मानजनक व्यवहार करने की हिदायत दी। अवैध कब्जे से जुड़ी शिकायत की सुनवाई के दौरान लापरवाही सामने आने पर उन्होंने कानूनगो को फटकार लगाते हुए कहा कि अधिकारी जनता की सेवा के लिए हैं, थानेदार बनने के लिए नहीं।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि आमजन की समस्याओं का समाधान करना प्रत्येक अधिकारी और कर्मचारी की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिकायतों का निपटारा पूरी ईमानदारी, पारदर्शिता और संवेदनशीलता के साथ तय समय सीमा में किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि लोगों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
बैठक में विभिन्न विभागों से संबंधित कुल 16 शिकायतों की सुनवाई की गई। इनमें आठ नई और आठ लंबित शिकायतें शामिल थीं। शिक्षा मंत्री ने आठ मामलों का मौके पर ही समाधान कर शिकायतकर्ताओं को राहत दी। इनमें चार नई और चार लंबित शिकायतें शामिल रहीं। बाकी आठ मामलों में संबंधित विभागों के अधिकारियों से विस्तृत जानकारी लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए। पांच शिकायतों के समाधान के लिए विधायकों की अध्यक्षता में कमेटियां गठित कर अगली बैठक तक रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।
गांव प्रीतमपुरा निवासी अनिकेत की प्लाट और गली की पैमाइश से संबंधित शिकायत पर मंत्री ने कड़ा रुख अपनाया। शिकायतकर्ता का आरोप था कि मौके पर अधिकारी नहीं पहुंचे और बिना जांच के रिपोर्ट तैयार कर शिकायत का निपटारा करने का प्रयास किया गया। इस पर शिक्षा मंत्री ने कानूनगो को फटकार लगाई और डीडीपीओ को तहसीलदार के साथ मिलकर मामले की जांच करने तथा यदि अवैध कब्जा पाया जाए तो उसे तत्काल हटाने के निर्देश दिए।
गन्नौर के गांव पीपली खेड़ा निवासी ओमपती ने बिजली मीटर से जुड़ी शिकायत रखी। उन्होंने बताया कि वह नियमित रूप से बिजली बिल जमा करती हैं, इसके बावजूद 6 जुलाई को बिजली निगम के कर्मचारियों ने तीन महीने से बिल बकाया होने की बात कहकर उनका मीटर उतार दिया। शिकायतकर्ता ने बिल जमा करने की रसीद भी प्रस्तुत की। बिजली निगम के अधिकारियों ने इसे एवरेज बिल से जुड़ा मामला बताया, जिस पर मंत्री ने नाराजगी जताते हुए पूछा कि जब उपभोक्ता ने समय पर बिल का भुगतान किया है तो मीटर क्यों हटाया गया। उन्होंने तत्काल मीटर लगाने के निर्देश दिए। अधिकारी ने बताया कि मीटर दोबारा लगाया जा चुका है। अन्य बिजली संबंधी शिकायतों को देखते हुए मंत्री ने उपायुक्त को बिजली निगम के अधिकारियों के साथ बैठक कर समस्याओं का स्थायी समाधान सुनिश्चित करने को कहा।
गांव जाटी कलां निवासी शकुंतला की पैतृक संपत्ति पर कथित अवैध कब्जे की शिकायत की जांच के लिए राई विधायक कृष्णा गहलावत, सोनीपत विधायक निखिल मदान और खरखौदा विधायक पवन खरखौदा की अध्यक्षता में कमेटी गठित की गई। कमेटी में अतिरिक्त उपायुक्त और चार ग्रीवेंश सदस्य भी शामिल किए गए हैं। मंत्री ने अगली बैठक तक जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
अखंड हिंदू स्वाभिमान के अध्यक्ष मनीष की शिकायत पर भी कार्रवाई के निर्देश दिए गए। खान कॉलोनी में कथित अवैध कब्जों की जांच और कार्रवाई के लिए विधायक निखिल मदान और डीसीपी की अध्यक्षता में कमेटी गठित की गई।
गांव बाघडू निवासी दीपचंद ने एक निजी कंपनी पर खुले में दूषित पानी छोड़ने और वायु प्रदूषण फैलाने का आरोप लगाया। मामले में मंत्री ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी को मौके पर जाकर जांच करने के निर्देश दिए। उन्होंने कंपनी को पर्यावरण संबंधी सरकारी नियमों का पालन करने के लिए नोटिस देने और नियमों की अनदेखी पाए जाने पर कार्रवाई करने को कहा।
गांव राठधाना निवासी जगवंत सिंह ने शिकायत दी कि दिल्ली निवासी एक व्यक्ति ने नौकरी लगवाने के नाम पर उससे 15 लाख रुपये लिए, लेकिन रकम वापस नहीं की। शिक्षा मंत्री ने इस मामले की जांच के लिए सोनीपत विधायक निखिल मदान और ग्रीवेंश सदस्य को जिम्मेदारी सौंपी।
शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने कहा कि प्रदेश सरकार सुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही के सिद्धांत पर काम कर रही है। अधिकारियों की लापरवाही किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनता को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें और जहां संभव हो, मौके पर ही शिकायतों का समाधान किया जाए। बैठक में विधायक कृष्णा गहलावत, निखिल मदान, पवन खरखौदा, जिला परिषद चेयरपर्सन मोनिका दहिया, पुलिस आयुक्त ममता सिंह, उपायुक्त नेहा सिंह समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।