गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपित फरार
पार्टनरशिप फर्म बनाकर 51 एकड जमीन पर कब्जा किया
सेक्टर 65 में कमर्शियल कॉम्प्लेक्स की जमीन
मोनिका रावत | मोहाली
समर न्यूज
सेक्टर 65 की 42 एकड जमीन की धोखाधड़ी में अदालत ने आरोपितों को गिरफ्तार करने के आदेश दिए है। अदालत ने आदर्श गर्ग, परवीन गर्ग तथा वेद प्रकाश गर्ग की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी। अदालत ने अपने आदेश में इसे एक गंभीर मामला बताते हुए आरोपितों की हिरासत में लेकर पूछताछ करने की कहा है। ट्राइसिटी में जमीन की धोखाधड़ी का सबसे बड़ा मामला सामने आया था। मोहाली सेक्टर 65 में पार्टनरशिप फर्म बनाकर 42 एकड कमर्शियल जमीन
हथियाने की शिकायत पंचकूला सेक्टर 6 निवासी निवासी शिव अग्रवाल ने की थी।
मोहाली की जिला अदालत ने आरोपित वेद प्रकाश गर्ग, परवीन गर्ग और आदर्श गर्ग को राहत देने से इनकार कर दिया। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश हरदीप सिंह की अदालत ने अग्रिम जमानत याचिका खारिज करते हुए कहा कि मामले में लगाए गए आरोप गंभीर प्रकृति के हैं और निष्पक्ष जांच के लिए आरोपित से हिरासत में पूछताछ आवश्यक है।
मामला थाना सोहाना में दर्ज कैसे से जुड़ा है, जिसमें भारतीय दंड संहिता की धोखाधड़ी, जालसाजी, आपराधिक विश्वासघात और आपराधिक षड्यंत्र से संबंधित धाराएं लगाई गई हैं।
51 एकड़ जमीन के सौदे को लेकर विवाद
सेक्टर 65 की 51 एकड जमीन की धोखाधड़ी में अदालत ने आरोपितों को गिरफ्तार करने के आदेश दिए है। अदालत ने आदर्श गर्ग, परवीन गर्ग तथा वेद प्रकाश गर्ग की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी। अदालत ने अपने आदेश में इसे एक गंभीर मामला बताते हुए आरोपितों की हिरासत में लेकर पूछताछ करने की कहा है। ट्राइसिटी में जमीन की धोखाधड़ी का सबसे बड़ा मामला सामने आया था। मोहाली सेक्टर 65 में पार्टनरशिप फर्म बनाकर 51 एकड कमर्शियल जमीन हथियाने की शिकायत पंचकूला सेक्टर 6 निवासी निवासी शिव अग्रवाल ने की थी। मोहाली की जिला अदालत ने आरोपित वेद प्रकाश गर्ग, परवीन गर्ग और आदर्श गर्ग को राहत देने से इनकार कर दिया। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश हरदीप सिंह की अदालत ने अग्रिम जमानत याचिका खारिज करते हुए कहा कि मामले में लगाए गए आरोप गंभीर प्रकृति के हैं और निष्पक्ष जांच के लिए आरोपित से हिरासत में पूछताछ आवश्यक है। मामला थाना सोहाना में दर्ज कैसे से जुड़ा है, जिसमें भारतीय दंड संहिता की धोखाधड़ी, जालसाजी, आपराधिक विश्वासघात और आपराधिक षड्यंत्र से संबंधित धाराएं लगाई गई हैं।
एफआईआर के अनुसार शिकायतकर्ताओं और आरोपितों के बीच 14 मार्च 2022 को एमओयू (मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग) हुआ था। इसमें डी.एस. बिल्डटेक फर्म में शिकायतकर्ताओं की हिस्सेदारी खरीदने का समझौता किया गया था। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि प्रति एकड़ 4.27 करोड़ रुपये की दर से सौदा तय हुआ था और करोड़ों रुपये का भुगतान किया जाना था, लेकिन आरोपितों ने तय रकम का एक भी रुपया नहीं दिया। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि आरोपितों ने विश्वास का फायदा उठाकर एमओयू पर हस्ताक्षर करवा लिए और बाद में उसी के आधार पर साझेदारी और कारोबार पर कब्जा करने की कोशिश की। आरोप है कि एमओयू में कई गंभीर विसंगतियां हैं, चेक नंबर गलत दर्ज किए गए हैं, भुगतान का दावा किया गया जबकि कोई भुगतान हुआ ही नहीं और समझौते का एक महत्वपूर्ण पैरा भी दस्तावेज में मौजूद नहीं है।