Summer express/मोनिका रावत,चंडीगढ़-: हरियाणा राइस मिलर्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों और सदस्यों ने गुरुवार को खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के बाहर प्रदर्शन कर सरकार के खिलाफ रोष जताया। मिलर्स का आरोप है कि करीब 2,600 करोड़ रुपये के धान के स्टॉक और उससे जुड़े भुगतान का मामला लंबे समय से लंबित है, जिसके चलते प्रदेशभर के राइस मिलर्स गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं।प्रदर्शन में हंसराज सिंगला, ज्वेल सिंगला, सौरभ गुप्ता, राज कुमार गुप्ता, राजिंदर मोंगा, बलराज देसवाल, नरेश बंसल, रविंदर शर्मा, नरेश मेहता और रामपाल गोयल सहित एसोसिएशन के पदाधिकारी एवं सदस्य मौजूद रहे।
एसोसिएशन के अनुसार, मिलर्स इस मुद्दे को लेकर मुख्यमंत्री, संबंधित मंत्रियों और विभागीय अधिकारियों के समक्ष कई बार अपनी मांग रख चुके हैं, लेकिन अभी तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ है। मिलर्स का कहना है कि धान की खरीद से संबंधित निर्धारित अंतिम तिथि 30 जून को समाप्त हो चुकी है। इसके बावजूद करीब 2,600 करोड़ रुपये की राशि और धान से जुड़ा मामला लंबित होने के कारण उनकी आर्थिक परेशानियां बढ़ती जा रही हैं।मिलर्स ने सरकार से मांग की कि मामले का तत्काल समाधान करते हुए उनकी लंबित राशि का भुगतान किया जाए और धान के स्टॉक से संबंधित समस्या का भी निपटारा किया जाए।प्रदर्शन के दौरान एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि यदि सरकार उनकी मांगों को नहीं मानती और उनकी समस्या का समाधान नहीं करती, तो आने वाले धान के सीजन में राइस मिलर्स किसानों से धान नहीं उठाएंगे। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में किसानों को होने वाली परेशानी की पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी।एसोसिएशन ने चेतावनी दी कि यदि जल्द कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया तो प्रदेशभर के राइस मिलर्स और किसान सड़कों पर उतरकर आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।