Summer express /बिलासपुर,सुभाष-:हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले में स्थित विश्व विख्यात शक्तिपीठ श्री नैना देवी जी में आज श्रावण अष्टमी मेले का विधिवत शुभारंभ हो गया। सुबह की आरती, पूजा-अर्चना और मंत्रोच्चारण के साथ मेले की शुरुआत हुई। पहले ही दिन माता के दरबार में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली। पंजाब, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली सहित देश के विभिन्न राज्यों से श्रद्धालु माता के दर्शन के लिए श्री नैना देवी पहुंचे.श्रावण अष्टमी मेले के शुभारंभ के अवसर पर सुबह से ही श्री नैना देवी मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला जारी रहा। भक्तों ने माता के दरबार में शीश नवाकर परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। इसके साथ ही श्रद्धालुओं ने प्राचीन हवन कुंड में आहुतियां डालकर पूजा-अर्चना की।
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन और मंदिर न्यास की ओर से व्यापक इंतजाम किए गए हैं। हिमाचल प्रदेश सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा, पेयजल, साफ-सफाई और सुचारू दर्शन व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।श्री नैना देवी में आयोजित होने वाला यह श्रावण अष्टमी मेला 13 अगस्त से 22 अगस्त तक चलेगा। मेले के दौरान हिमाचल के साथ-साथ पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और अन्य राज्यों से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है। मंदिर न्यास की ओर से श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं।मंदिर न्यास अध्यक्ष एवं एसडीएम धर्मपाल ने कहा कि मेले को लेकर सभी व्यवस्थाएं चाक-चौबंद कर दी गई हैं। उनका कहना है कि श्रद्धालुओं को माता के दर्शन के दौरान किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए प्रशासन और मंदिर न्यास पूरी तरह मुस्तैद है। उन्होंने कहा कि मंदिर न्यास का मुख्य उद्देश्य देश के अलग-अलग हिस्सों से आने वाले श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुविधाजनक माहौल उपलब्ध करवाना है।मेले में पहुंचे श्रद्धालुओं ने भी मंदिर प्रशासन की व्यवस्थाओं पर संतोष जताया। कुल्लू के बंजार से पहुंचे श्रद्धालु ने कहा कि माता के दरबार में पहुंचकर उन्हें आध्यात्मिक शांति मिली और मेले को लेकर किए गए इंतजाम भी संतोषजनक हैं।वहीं, मंदिर के पुजारी नीलम शर्मा ने श्रावण अष्टमी मेले के धार्मिक महत्व और माता के दरबार में होने वाली पूजा-अर्चना के बारे में जानकारी दी। उन्होंने श्रद्धालुओं से श्रद्धा और अनुशासन के साथ माता के दर्शन करने की अपील की।श्रावण अष्टमी मेले के आगाज के साथ ही श्री नैना देवी का पूरा क्षेत्र भक्तिमय वातावरण में डूब गया है और आने वाले दिनों में श्रद्धालुओं की संख्या और बढ़ने की संभावना है।