Summer express, भिवानी। नगर परिषद कार्यालय में दोपहर वाइस चेयरमैन प्रतिनिधि संदीप बंटी और क्लर्क अंकित के बीच किसी काम को लेकर विवाद हो गया। देखते ही देखते मामला हाथापाई तक पहुंच गया। क्लर्क अंकित ने वाइस चेयरमैन पर मारपीट करने, दबाव बनाने और जान से मारने की धमकी देने के आरोप लगाए हैं। घटना के बाद अंकित को उपचार के लिए नागरिक अस्पताल में भर्ती कराया गया।
वहीं, घटना के बाद संदीप बंटी पार्षदों के साथ सिटी थाना पहुंचे और संबंधित क्लर्क के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। उनका आरोप है कि नगर परिषद में लोगों के काम समय पर नहीं किए जा रहे हैं और काम के बदले पैसे मांगे जाते हैं। दोनों पक्षों की ओर से एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए जाने के बाद नगर परिषद परिसर में काफी देर तक माहौल तनावपूर्ण रहा।
वाइस चेयरमैन प्रतिनिधि संदीप ने आरोप लगाया कि एक व्यक्ति पिछले करीब एक महीने से प्रॉपर्टी से जुड़े काम के लिए नगर परिषद के चक्कर लगा रहा था। कर्मचारी के पास आवेदन और एफिडेविट पहले ही जमा करवाए जा चुके थे, लेकिन इसके बावजूद काम आगे नहीं बढ़ाया गया। उन्होंने कर्मचारियों पर पैसे लेकर काम करने का आरोप लगाया।
वार्ड नंबर 29 के पार्षद सुदामा सिंह तंवर ने भी संबंधित कर्मचारी पर काम में सहयोग नहीं करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कर्मचारी को कई बार फोन किया गया, लेकिन फोन नहीं उठाया गया। पार्षद ने एक फाइल निकालने के लिए 200 रुपये लेने का आरोप भी लगाया। उनका कहना है कि नगर परिषद में जनता के काम बिना किसी अवैध भुगतान के होने चाहिए।
आकाश नामक व्यक्ति ने आरोप लगाया कि उसने विकास नगर स्थित अपनी संपत्ति के ट्रांसफर के लिए 24 नवंबर 2025 को नगर परिषद में फाइल जमा करवाई थी। उसका आरोप है कि काम के बदले उससे पैसे की मांग की गई और कई बार कार्यालय के चक्कर लगाने के बावजूद उसकी फाइल पर कार्रवाई नहीं हुई।
दूसरी ओर, नगर परिषद के क्लर्क अंकित ने अपने ऊपर लगाए गए रिश्वत के आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया। उन्होंने कहा कि प्रॉपर्टी ट्रांसफर के लिए निर्धारित दस्तावेज और ट्रांसफर लेटर जरूरी हैं। दस्तावेज पूरे नहीं होने की स्थिति में नियमों के अनुसार फाइल आगे नहीं बढ़ाई जा सकती।
अंकित ने आरोप लगाया कि उन्हें टैक्स ब्रांच से बुलाकर वाइस चेयरमैन के पास ले जाया गया, जहां उनके साथ मारपीट की गई और जान से मारने की धमकी दी गई। उन्होंने आकाश की ओर से लगाए गए 30 हजार रुपये रिश्वत मांगने के आरोपों को भी गलत बताया और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
पुलिस के अनुसार, घटना की जानकारी सामने आई है, लेकिन अभी तक किसी भी पक्ष की ओर से लिखित शिकायत नहीं दी गई है। पुलिस का कहना है कि शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। नगर परिषद चेयरपर्सन प्रतिनिधि भवानी प्रताप ने कहा कि यदि जांच में अनुशासनहीनता या नगर परिषद की छवि खराब करने की बात सामने आती है तो इसे गंभीरता से लिया जाएगा।