शगुन कश्यप। चंडीगढ़
समर न्यूज
‘मेरा वार्ड, मेरा परिवार’ कार्यक्रम में वार्ड नंबर-17 से कांग्रेस पार्षद दमनप्रीत सिंह बादल ने अपने राजनीतिक सफर और क्षेत्र में करवाए गए विकास कार्यों को लेकर बातचीत की। उन्होंने बताया कि राजनीति में आने का फैसला पहले से तय नहीं था। किसान आंदोलन के दौरान बिना किसी राजनीतिक पहचान के सेवा करते हुए उन्हें लगा कि व्यवस्था में बदलाव के लिए सक्रिय राजनीति का हिस्सा बनना भी जरूरी है। बादल ने बताया कि शुरुआती दौर में उनका जुड़ाव कांग्रेस नेता प्रदीप छाबड़ा के साथ रहा। बाद में राजनीतिक परिस्थितियों में बदलाव आया और उन्होंने चुनावी राजनीति में कदम रखा।
वह आम आदमी पार्टी से भी जुड़े, लेकिन बाद में वापस कांग्रेस में आ गए। उन्होंने कहा कि स्थानीय निकाय चुनाव में पार्टी के साथ-साथ पार्षद का लोगों के बीच रहना, फोन उठाना और उनकी समस्याओं पर काम करना सबसे महत्वपूर्ण
होता है।
दिव्यांग और विशेष जरूरतों वाले बच्चों के लिए झूले व अन्य सुविधाएं
दमनप्रीत सिंह बादल ने कहा कि अपने कार्यकाल में वार्ड में कई विकास कार्य करवाए गए। सेक्टर-22 में गुरुद्वारा साहिब के सामने बने सेंसरी पार्क को उन्होंने विशेष उपलब्धि बताया। इस पार्क में दिव्यांग और विशेष जरूरतों वाले बच्चों को ध्यान में रखते हुए झूले एवं अन्य सुविधाएं उपलब्ध करवाई गई हैं। उन्होंने बताया कि सेक्टर-22 की किरण सिनेमा मार्केट में फ्लोरिंग का काम पूरा हो चुका है, जबकि मोबाइल मार्केट समेत अन्य स्थानों पर विकास कार्य आगे बढ़ाए जा रहे हैं। सड़कों, गलियों और पार्कों की मरम्मत व रखरखाव के काम भी समय-समय पर करवाए जा रहे हैं।
कूड़ा प्रबंधन बनी बड़ी चुनौती
पार्षद ने वार्ड में कूड़े की समस्या को बड़ी चुनौती बताया। उन्होंने कहा कि सेक्टर-22 में व्यावसायिक गतिविधियां, बड़ी संख्या में पीजी और देर रात तक लोगों की आवाजाही होने के कारण घर-घर कचरा संग्रहण वाहन निकलने के बाद भी कई जगह कूड़ा बाहर फेंका जाता है। पुराने कपड़े, गद्दे और अन्य भारी सामान भी खुले में डाल दिए जाने से सफाई व्यवस्था प्रभावित होती है। उन्होंने बताया कि नगर निगम आयुक्त की पहल पर सेक्टर-22 में छोटे वाहनों के माध्यम से कचरा संग्रहण का एक पायलट प्रोजेक्ट शुरू करने की तैयारी है, जिससे समस्या कम होने की उम्मीद है।
‘स्वच्छ वार्ड के लिए लोगों का सहयोग जरूरी’
दमनप्रीत सिंह बादल ने वार्डवासियों, खासकर पीजी संचालकों से अपील की कि वे किरायेदारों और विद्यार्थियों को कचरा संग्रहण व्यवस्था की जानकारी दें। गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग रखकर निर्धारित वाहन में ही दिया जाए। नगर निगम और पार्षद अपने स्तर पर व्यवस्था बेहतर कर सकते हैं, लेकिन वार्ड को साफ-सुथरा रखने के लिए लोगों की भागीदारी भी उतनी ही जरूरी है।