Summer express/शिमला, संजू-:हिमाचल प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय बना हुआ है और प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी है। मंगलवार 18 अगस्त को भी शिमला समेत कई जिलों में बारिश दर्ज की गई। मौसम विज्ञान केंद्र ने चंबा, कांगड़ा और कुल्लू जिलों के लिए भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। वहीं मंडी, शिमला और सिरमौर में भारी बारिश की संभावना को देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार राज्य में 21 अगस्त तक मानसून सक्रिय रहेगा, जबकि 22 अगस्त से बारिश की तीव्रता में कमी आने की संभावना है। 23 और 24 अगस्त को मानसून गतिविधियां काफी सीमित रह सकती हैं।
मौसम वैज्ञानिक संदीप शर्मा ने बताया कि पिछले 24 घंटों के दौरान कुल्लू, कांगड़ा, बिलासपुर, चंबा और सिरमौर में मध्यम से भारी बारिश दर्ज की गई। कुल्लू के कोठी में सबसे अधिक 71 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा कसौली, जोत और धर्मशाला में करीब 30 से 50 मिलीमीटर तक बारिश हुई। उन्होंने बताया कि मंगलवार को मध्यवर्ती क्षेत्रों के साथ ऊना, बिलासपुर और हमीरपुर में भी बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है।संदीप शर्मा के मुताबिक 18 अगस्त को चंबा, कांगड़ा और कुल्लू में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। 19 अगस्त को मानसून की गतिविधि में थोड़ी कमी आने की संभावना है, हालांकि कांगड़ा, मंडी, शिमला और सिरमौर में एक-दो स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। 20 और 21 अगस्त को चंबा, कांगड़ा, कुल्लू और मंडी में येलो अलर्ट रहेगा। इसके बाद 22 अगस्त से बारिश की तीव्रता कम होगी और मध्यवर्ती क्षेत्रों में हल्की बारिश देखने को मिल सकती है।
मौसम विभाग के अनुसार बारिश के कारण प्रदेश के तापमान में पिछले 24 घंटों में 1 से 2 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है। 21 अगस्त तक तापमान में बड़े बदलाव की संभावना नहीं है। इस मानसून सीजन में 1 जून से अब तक हिमाचल में कुल बारिश सामान्य से 10 प्रतिशत कम रही है। लाहौल-स्पीति में सामान्य से 53 प्रतिशत और हमीरपुर में 46 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। इसके विपरीत कुल्लू और शिमला में सामान्य से 19 से 23 प्रतिशत अधिक बारिश हुई है।मौसम विभाग ने शिमला, सिरमौर और सोलन में निचले बादलों के कारण अगले चार दिनों के दौरान दृश्यता प्रभावित होने की चेतावनी दी है। विभाग ने लोगों को नदी-नालों और जल स्रोतों से दूरी बनाए रखने की सलाह दी है। अचानक जलस्तर बढ़ने और फ्लैश फ्लड की आशंका को देखते हुए लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने तथा राज्य सरकार की ओर से जारी आधिकारिक एडवाइजरी का पालन करने की अपील की गई है। प्रशासन ने पर्यटकों और लोगों से सावधानी बरतने को कहा है। पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और सड़क अवरुद्ध होने की स्थिति में सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है। मौसम की ताजा जानकारी के लिए विभागीय बुलेटिन और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों पर नजर बनाए रखें।