Summer express, सिरसा। गांव वैदवाला में बिजली लाइन के टावर को लेकर किसानों और प्रशासन के बीच चल रहा विवाद अब और गहरा गया है। उचित मुआवजे की मांग को लेकर किसान सातवें दिन भी धरने पर डटे रहे। किसान भूपेंद्र सिंह वैदवाला और वेदप्रकाश अपनी मांगों को लेकर पानी की टंकी पर चढ़े हुए हैं। किसानों ने प्रशासन को 18 अगस्त तक मांग पूरी करने का अल्टीमेटम दिया था, लेकिन कोई ठोस समाधान नहीं निकलने के बाद अब उन्होंने बिजली टावर हटाने की तैयारी शुरू कर दी है।
मंगलवार देर रात करीब एक बजे डीएसपी राजेश पुलिस बल के साथ किसानों को टंकी से नीचे उतारने के लिए गांव वैदवाला पहुंचे। पुलिस अधिकारी के गांव पहुंचने की जानकारी मिलते ही ग्रामीणों ने गुरुद्वारे से एनाउंसमेंट करवाकर लोगों को धरनास्थल पर पहुंचने की अपील की। सूचना के बाद करीब 70 युवा मौके पर एकत्रित हो गए। इस दौरान युवाओं और डीएसपी के बीच करीब दस मिनट तक बातचीत और बहस हुई।
स्थिति को देखते हुए किसानों ने रात में ही बिजली टावर गिराने की घोषणा कर दी। इसके बाद डीएसपी पुलिस बल के साथ मौके से वापस लौट गए। बुधवार सुबह किसानों ने टावर हटाने की तैयारी शुरू कर दी, जबकि प्रशासन ने भी किसी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए गांव के जलघर में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया।
किसानों का कहना है कि बिजली लाइन के लिए उनकी जमीन का इस्तेमाल किया जा रहा है, लेकिन उन्हें उनकी मांग के अनुसार उचित मुआवजा नहीं दिया जा रहा। उनका आरोप है कि कई दिनों से धरना देने और टंकी पर चढ़कर विरोध जताने के बावजूद प्रशासन की ओर से उनकी समस्या का समाधान नहीं किया गया। किसानों ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी मांग पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, उनका आंदोलन जारी रहेगा।
बुधवार को धरनास्थल पर अलग-अलग किसान संगठनों के नेताओं और किसानों के पहुंचने का सिलसिला भी शुरू हो गया। किसान नेताओं ने कहा कि आंदोलन को आगे की रणनीति के तहत मजबूत किया जाएगा। दूसरी ओर, प्रशासन की ओर से जलघर में पुलिस बल की तैनाती के बाद क्षेत्र में तनाव की स्थिति बनी हुई है। फिलहाल किसान धरनास्थल पर एकत्रित हो रहे हैं और टावर हटाने की तैयारी को लेकर स्थिति पर सभी की नजर बनी हुई है।