summer express भुवनेश्वर। ओडिशा में मूसलाधार बारिश का दौर भले ही थम गया हो, लेकिन नदियों के लगातार बढ़ रहे जलस्तर ने कई जिलों में बाढ़ का खतरा बढ़ा दिया है। राज्य के बालासोर, भद्रक, जाजपुर, केंद्रपाड़ा, मयूरभंज और क्योंझर जिले बाढ़ की चपेट में हैं। प्रशासन ने स्थिति को देखते हुए अब तक 3.5 लाख से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है।
अधिकारियों के अनुसार पड़ोसी राज्य झारखंड के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में हुई भारी बारिश के कारण सुवर्णरेखा नदी में पानी का दबाव बढ़ गया है। इसका असर ओडिशा में भी दिखाई दे रहा है। बालासोर जिले के जलेश्वर स्थित राजघाट पर सुवर्णरेखा नदी का जलस्तर 10.36 मीटर के खतरे के निशान को पार कर गया। बुधवार सुबह 9 बजे यहां जलस्तर 10.40 मीटर दर्ज किया गया। इसके चलते जलेश्वर, बास्ता और बालियापाल ब्लॉक के कई इलाकों में बाढ़ का पानी पहुंच गया।
बास्ता के मथानी में जलका नदी भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। सुबह 6 बजे यहां नदी का जलस्तर 6.60 मीटर दर्ज किया गया। वहीं गोविंदपुर में बुढ़ाबलंगा नदी 7.26 मीटर के स्तर पर बह रही थी, जो चेतावनी स्तर से ऊपर है। प्रशासन ने बालासोर के साथ-साथ भद्रक और जाजपुर में भी राहत एवं बचाव अभियान तेज कर दिया है।
अन्य नदियों में भी जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। राजघाट पर सलंदी नदी 17 मीटर के खतरे के निशान के मुकाबले 17.10 मीटर पर बह रही है। वहीं अखुआपाड़ा में बैतरणी नदी का जलस्तर 18.65 मीटर दर्ज किया गया, जबकि यहां खतरे का निशान 18.33 मीटर है। नदियों के उफान के कारण निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
केंद्रपाड़ा जिले में ब्राह्मणी नदी के बढ़े जलस्तर के कारण कुलासाही क्षेत्र स्थित एक आवासीय विद्यालय में 300 से अधिक छात्र फंस गए। पानी बढ़ने के बाद छात्रों को स्कूल भवन की दूसरी और तीसरी मंजिल पर पहुंचाया गया। इसके बाद ओडिशा डिजास्टर रैपिड एक्शन फोर्स (ODRAF) की पांच पावर बोट के जरिए छात्रों को सुरक्षित निकालने का अभियान शुरू किया गया। प्रत्येक नाव में करीब 50 छात्रों को ले जाने की क्षमता बताई गई है।
प्रशासन के अनुसार बाढ़ के दूसरे दौर से छह जिलों में बड़ी संख्या में लोग प्रभावित हुए हैं। राहत एवं बचाव कार्य के लिए करीब 100 टीमें तैनात की गई हैं। प्रभावित लोगों तक पका हुआ भोजन और अन्य आवश्यक राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है।
हालांकि, भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 21 अगस्त तक अगले तीन दिनों के लिए भारी बारिश को लेकर कोई बड़ी चेतावनी जारी नहीं की है। इसके बावजूद नदियों के जलस्तर को देखते हुए प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने अधिकारियों को बाढ़ प्रभावित लोगों तक हरसंभव सहायता पहुंचाने और राहत-बचाव कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।