समर न्यूज | मोहाली/चंडीगढ़/जालंधर/अमृतसर
कौमी इंसाफ मोर्चा की ओर से की गई अपील के चलते शुक्रवार को पंजाब में सात घंटे का बंद रहा। सुबह सात बजे से दोपहर दो बजे तक चले बंद का कई जिलों में व्यापक असर दिखाई दिया। बाजार और दुकानें बंद रहीं, सड़कों पर सामान्य दिनों की तुलना में यातायात काफी कम रहा और कई स्थानों पर प्रदर्शनकारियों ने सड़कें तथा हाईवे रोक दिए।
अमृतसर, जालंधर, लुधियाना, पटियाला, मोहाली, संगरूर, फरीदकोट, मोगा, बठिंडा और मानसा समेत कई इलाकों में बंद का असर देखा गया। बंद के दौरान सबसे ज्यादा परेशानी यात्रियों और कामकाजी लोगों को हुई। पटियाला में बस अड्डे के बाहर प्रदर्शनकारियों की ओर से वाहन खड़े किए जाने से दोनों ओर यातायात प्रभावित हुआ। बसों का संचालन रुकने से यात्रियों को इंतजार करना पड़ा। जालंधर में अमृतसर, लुधियाना, पठानकोट और कपूरथला की ओर जाने वाले प्रमुख मार्गों पर भी आवाजाही प्रभावित हुई।
मोहाली में एयरपोर्ट रोड पर प्रदर्शन के कारण यातायात को दूसरे रास्तों से भेजना पड़ा और मोहाली-चंडीगढ़ के बीच कैब सेवाएं दोपहर तक प्रभावित रहीं।
कई शहरों में बाजार लगभग पूरी तरह बंद रहे। लुधियाना के चौड़ा बाजार और घुमार मंडी में सामान्य दिनों की तुलना में काफी कम गतिविधि रही।
संगरूर, मोहाली और जालंधर में भी अधिकांश व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रहे। फरीदकोट और मोगा में शहरी तथा ग्रामीण क्षेत्रों के कई बाजारों में लगभग पूर्ण बंद का असर दिखाई दिया। हालांकि, कुछ स्थानों पर बंद को मिश्रित प्रतिक्रिया भी मिली। लुधियाना में राष्ट्रीय राजमार्ग-44 सहित कुछ प्रमुख सड़कों पर यातायात सामान्य रहने की सूचना मिली।
फगवाड़ा में मुख्य बाजारों में दुकानें बंद रहीं, लेकिन दवा की दुकानें खुली रखी गईं।
पटियाला में भी मुख्य बाजार बंद रहे, जबकि कुछ रिहायशी इलाकों में दुकानें खुली रहीं। यानी बंद का असर पूरे राज्य में एक जैसा नहीं रहा और स्थानीय स्तर पर प्रतिक्रिया अलग-अलग रही।
{स्कूल व परिवहन भी प्रभावित: बंद के मद्देनजर निजी स्कूलों में छुट्टी रही। कई निजी स्कूलों ने ऑनलाइन कक्षाएं चलाने का विकल्प अपनाया, जबकि सरकारी स्कूलों में भी कुछ क्षेत्रों में उपस्थिति कम रही। पहले से तय कुछ परीक्षाओं को भी स्थगित या पुनर्निर्धारित किया गया। सार्वजनिक परिवहन पर भी असर पड़ा और कई मार्गों पर बसों की आवाजाही बाधित रही। जरूरी सेवाओं को छूट दी गई। चिकित्सा आपात स्थिति, अस्पतालों से जुड़े कर्मचारी, एंबुलेंस, हवाई अड्डे जाने वाले यात्रियों, परीक्षा देने वालों और विवाह या अंतिम संस्कार जैसे जरूरी कार्यक्रमों में शामिल लोगों को रोके जाने से बचाने की अपील की गई थी।
{सुरक्षा के कड़े इंतजाम: बंद को देखते हुए अमृतसर, लुधियाना, मोहाली और जालंधर समेत कई जिलों में पुलिस बल तैनात किया गया। मोहाली-चंडीगढ़ सीमा पर बैरिकेडिंग की गई और रैपिड एक्शन फोर्स के जवान भी तैनात रहे। कई जगह प्रदर्शनकारियों ने धरने और मार्च किए। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार बंद के दौरान स्थिति कुल मिलाकर नियंत्रण में रही और बड़े स्तर पर किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली। हालांकि, सड़कें रोकने और वाहनों की आवाजाही प्रभावित होने से आम लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।