समर न्यूज । संगरूर
शिरोमणि अकाली दल की सांसद हरसिमरत कौर बादल के एक बयान के बाद पंजाब में अकाली दल और भाजपा के बीच फिर गठबंधन की अटकलें तेज हो गई हैं। संगरूर के लोंगोवाल में संत हरचंद सिंह लोंगोवाल की 41वीं बरसी पर आयोजित कार्यक्रम में हरसिमरत ने दिल्ली से पंजाब के विकास के लिए पहले जैसे “समझौते” होने की उम्मीद जताई। उनके इस संकेत को संभावित गठबंधन की ओर इशारा माना जा रहा है।
भाजपा ने फिलहाल इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है और पार्टी ‘वेट एंड वॉच’ की स्थिति में है। दोनों दलों के बीच हाल में नजदीकियां बढ़ने के संकेत मिले हैं। सुखबीर बादल की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात और उसके बाद हरसिमरत से जुड़े कुछ घटनाक्रमों ने भी चर्चा को हवा दी है। हालांकि, अभी गठबंधन पर कोई औपचारिक फैसला नहीं हुआ है।
अकाली दल ने तीन कृषि कानूनों के मुद्दे पर सितंबर 2020 में भाजपा के नेतृत्व वाले राजग से नाता तोड़ लिया था। अब 2027 के पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले दोनों दलों के संभावित साथ आने को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज है। भाजपा फिलहाल सभी 117 सीटों पर चुनाव की तैयारी कर रही है।
लोग चाहते हैं भाजपा-शिअद साथ आएं: मजीठिया
चंडीगढ़। शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने पंजाब में अकाली दल और भाजपा के बीच फिर गठबंधन की खुलकर पैरवी की है। उन्होंने कहा कि पंजाब के लोग दोनों दलों को दोबारा साथ देखना चाहते हैं और इस संबंध में दोनों पार्टियों का नेतृत्व बैठकर बातचीत करेगा। मजीठिया की यह टिप्पणी उनकी बहन और बठिंडा सांसद हरसिमरत कौर बादल के उस बयान के एक दिन बाद आई है, जिसमें उन्होंने दिल्ली के साथ फिर से ऐसे राजनीतिक समझौते होने का संकेत दिया था, जिनसे पंजाब का विकास हो सके। मजीठिया ने कहा कि गठबंधन को लेकर अंतिम निर्णय दोनों दलों के शीर्ष नेतृत्व को करना है। उनके बयान से स्पष्ट है कि अकाली दल के भीतर भाजपा के साथ दोबारा राजनीतिक संबंध स्थापित करने की मांग को अब सार्वजनिक रूप से उठाया जा रहा है।