summer express, तरनतारन। पंजाब से जुड़े एक संदिग्ध आतंकी नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई करते हुए चंडीगढ़ पुलिस के ऑपरेशन सेल ने सेक्टर-43 बस स्टैंड के पीछे से तीन युवकों को आईईडी और हथियारों के साथ गिरफ्तार किया है। पुलिस का दावा है कि आरोपी भीड़भाड़ वाले स्थान की रेकी कर वहां धमाका करने की तैयारी में थे। इस कार्रवाई के बाद पंजाब के तरनतारन और अमृतसर से जुड़े आरोपियों के नेटवर्क की भी जांच तेज कर दी गई है।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान तरनतारन के सरहाली कलां निवासी लवप्रीत सिंह, देवबाथ निवासी जशनप्रीत सिंह और अमृतसर के तरसिक्का निवासी प्रभजीत सिंह के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, लवप्रीत और जशनप्रीत आपस में रिश्तेदार हैं। जांच में आरोपियों के विदेश में बैठे बब्बर खालसा इंटरनेशनल के कथित हैंडलरों के संपर्क में होने की बात सामने आई है।
पुलिस के मुताबिक, आरोपियों को भीड़भाड़ वाले स्थानों की पहचान कर उनकी फोटो और वीडियो कथित हैंडलरों तक पहुंचानी थी। इसके बाद निर्देश मिलने पर ऐसे स्थानों को निशाना बनाने की योजना थी। सोमवार को भीड़ वाले इलाकों की रेकी किए जाने की बात पुलिस जांच में सामने आई है।
ऑपरेशन सेल ने आरोपियों के कब्जे से करीब छह किलो जिलेटिन की छड़ें, डेटोनेटर, ऊर्जा स्रोत, रिमोट से संचालित प्रणाली, पिस्तौल, मैगजीन और पांच कारतूस बरामद किए हैं। पुलिस का दावा है कि बरामद हथियार और विस्फोटक सामग्री पाकिस्तान में बैठे खालिस्तान आतंकी सतनाम सत्ता उर्फ नौशेरा ने ड्रोन के जरिए अमृतसर पहुंचाई थी। पुलिस अब इस दावे की कड़ियों को जोड़ने और पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी है।
तीनों आरोपियों को कड़ी सुरक्षा के बीच जिला अदालत में पेश किया गया। पुलिस ने छह दिन का रिमांड मांगा था, लेकिन अदालत ने आरोपियों को पांच दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा। रिमांड के दौरान आरोपियों से उनके कथित विदेशी संपर्कों, हथियारों की सप्लाई और साजिश में शामिल अन्य लोगों के बारे में पूछताछ की जाएगी।
उधर, तरनतारन निवासी लवप्रीत और जशनप्रीत के परिवारों ने दोनों को निर्दोष बताते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। लवप्रीत के माता-पिता राज कौर और बिट्टू सिंह के अनुसार, उनका 19 वर्षीय बेटा पेंटर का काम करता है और उसका इस मामले से कोई संबंध नहीं है। जशनप्रीत के पिता सतनाम सिंह ने भी बताया कि उनका बेटा पेंटिंग का काम करता है।
परिजनों के मुताबिक, दोनों युवक दो दिन पहले यात्रा पर जाने की बात कहकर घर से निकले थे, जिसके बाद उनके मोबाइल फोन बंद हो गए। परिवारों ने पुलिस से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर वास्तविकता सामने लाने की अपील की है।