एजेंसी |नागपुर
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के एक बयान से उनके राजनीतिक भविष्य को लेकर चर्चा तेज हो गई है। नागपुर के काटोल में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए गडकरी ने कहा कि वह पिछले करीब 30 वर्षों से सार्वजनिक जीवन में सक्रिय हैं और अब पहले की तरह ज्यादा काम नहीं कर सकते। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को आगे आने और जिम्मेदारी संभालने का अवसर मिलना चाहिए। हालांकि, उन्होंने अपने सक्रिय राजनीति से संन्यास की कोई घोषणा नहीं की है।
गडकरी ने कोविड के बाद अपनी जीवनशैली में आए बदलाव का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि अब वह स्वास्थ्य पर अधिक ध्यान देते हैं और नियमित योग करते हैं। उनका कहना था कि व्यक्ति को अपनी क्षमता और परिस्थितियों के अनुसार आगे की जिम्मेदारियों के बारे में सोचना चाहिए। उनके ‘नई पीढ़ी’ को अवसर देने वाले बयान के बाद सोशल मीडिया और राजनीतिक हलकों में उनके संन्यास या भविष्य की भूमिका को लेकर अटकलें लगाई जा रही हैं। गडकरी पहले भी सार्वजनिक जीवन में नई पीढ़ी को जिम्मेदारी सौंपने की जरूरत की बात कह चुके हैं। उनका तर्क रहा है कि जब व्यवस्था अच्छी तरह चलने लगे तो वरिष्ठ नेताओं को धीरे-धीरे जिम्मेदारियां अगली पीढ़ी को सौंपनी चाहिए। जनवरी में नागपुर में दिए गए एक बयान में भी उन्होंने नेतृत्व में पीढ़ीगत बदलाव की वकालत की थी।
गडकरी के बयान से अटकलें जरूर बढ़ी हैं, लेकिन उन्होंने खुद यह नहीं कहा कि वह राजनीति छोड़ने जा रहे हैं। इसलिए फिलहाल उनके बयान को नई पीढ़ी को अवसर देने और जिम्मेदारियां साझा करने की टिप्पणी के रूप में ही देखा जा रहा है।