summer express, नई दिल्ली। मंगलवार की गिरावट के बाद बुधवार को सोने और चांदी की कीमतों में एक बार फिर तेजी देखने को मिली। घरेलू वायदा बाजार यानी MCX पर 26 अगस्त को सोने के भाव में मामूली बढ़त दर्ज की गई। 10 ग्राम सोना 0.07 प्रतिशत की तेजी के साथ 1,62,980 रुपये पर कारोबार करता नजर आया। वहीं चांदी की कीमत में 1,350 रुपये यानी 0.55 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई और एक किलोग्राम चांदी 2,45,477 रुपये पर पहुंच गई।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने-चांदी में तेजी
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने और चांदी के वायदा भाव में मजबूती देखने को मिली। कॉमेक्स पर सोना 4,715.70 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर खुला। इसका पिछला बंद भाव 4,694.50 डॉलर प्रति औंस था। खबर लिखे जाने के समय सोना 10.90 डॉलर की बढ़त के साथ 4,705.40 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा था।
इसी तरह कॉमेक्स पर चांदी का वायदा भाव 68.63 डॉलर प्रति औंस पर खुला। पिछला बंद भाव 68.68 डॉलर प्रति औंस था। कारोबार के दौरान चांदी 0.50 डॉलर की तेजी के साथ 69.18 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर पहुंच गई।
दिल्ली के सर्राफा बाजार में लगातार चौथे दिन बढ़ा सोना
राष्ट्रीय राजधानी के सर्राफा बाजार में मंगलवार को सोने की कीमतों में लगातार चौथे कारोबारी सत्र में तेजी दर्ज की गई। 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाला सोना 2,700 रुपये बढ़कर 1,67,100 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गया। इससे एक दिन पहले सोमवार को इसका भाव 1,64,400 रुपये प्रति 10 ग्राम था।
हालांकि, चांदी में इसके विपरीत नरमी देखने को मिली। अखिल भारतीय सर्राफा संघ के अनुसार, मुनाफावसूली के चलते चांदी की कीमत 3,500 रुपये घटकर 2,50,000 रुपये प्रति किलोग्राम रह गई। पिछले कारोबारी सत्र में चांदी 2,53,500 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी।
अंतरराष्ट्रीय हाजिर बाजार में सोने-चांदी पर दबाव
अंतरराष्ट्रीय हाजिर बाजार में भी सोने और चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रहा। दो दिन की तेजी के बाद हाजिर सोने का भाव 11.87 डॉलर यानी 0.26 प्रतिशत गिरकर 4,639.51 डॉलर प्रति औंस पर आ गया।
चांदी की कीमत में भी 1.04 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई और यह 67.88 डॉलर प्रति औंस रह गई। यह लगातार दूसरा कारोबारी दिन था, जब अंतरराष्ट्रीय हाजिर बाजार में चांदी की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई।
इस तरह घरेलू वायदा बाजार में बुधवार को सोने-चांदी में तेजी रही, जबकि अंतरराष्ट्रीय हाजिर बाजार में दोनों कीमती धातुओं में उतार-चढ़ाव का रुख बना हुआ है। निवेशकों की नजर अब वैश्विक बाजार के संकेतों और आगे आने वाले आर्थिक आंकड़ों पर बनी हुई है।