Summer express, अंबाला,(अंकुर कपूर)। अंबाला के युवा समाजसेवी एवं एडवोकेट हर्ष साहनी ने रक्षाबंधन के पावन पर्व पर देश-प्रदेश के लोगों, अंबाला वासियों और विदेशों में रह रहे भारतीय भाई-बहनों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन केवल राखी बांधने और उपहार देने तक सीमित पर्व नहीं है, बल्कि यह भाई-बहन के प्रेम, विश्वास, सम्मान और जीवनभर एक-दूसरे का साथ निभाने के संकल्प का प्रतीक है।
एडवोकेट हर्ष साहनी ने कहा कि रक्षाबंधन भारतीय संस्कृति में भाई-बहन के रिश्ते की मजबूती और आपसी जिम्मेदारी का संदेश देता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि इस पर्व को बेटियों की शिक्षा, सुरक्षा और सम्मान से जोड़ते हुए समाज में सकारात्मक बदलाव का संकल्प लिया जाए।
उन्होंने कहा कि बहन की रक्षा केवल एक दिन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे जीवन का दायित्व है। भाइयों को अपनी बहनों की शिक्षा, सुरक्षा और उनके सपनों को पूरा करने में हर संभव सहयोग करना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज भी समाज के कुछ हिस्सों में बेटियों को लेकर भेदभाव की सोच मौजूद है, जिसे सामूहिक प्रयासों से बदलने की जरूरत है।
साहनी ने कहा कि यदि कोई जरूरतमंद परिवार अपनी बेटी की पढ़ाई का खर्च उठाने में सक्षम नहीं है तो समाज के लोगों को आगे आकर उसकी मदद करनी चाहिए। किसी बेटी की शिक्षा में सहयोग करना और उसे सुरक्षित एवं आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास करना ही रक्षाबंधन की वास्तविक भावना को सार्थक करेगा।
रक्षाबंधन से जुड़ी परंपराओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण और द्रौपदी की कथा का उदाहरण दिया। उन्होंने बताया कि मान्यता के अनुसार द्रौपदी ने श्रीकृष्ण की उंगली पर कपड़े का टुकड़ा बांधा था, जिसके बाद श्रीकृष्ण ने उनकी रक्षा का संकल्प लिया। उन्होंने मेवाड़ की रानी कर्णावती और मुगल सम्राट हुमायूं से जुड़ी ऐतिहासिक कथा का भी उल्लेख किया और कहा कि यह प्रसंग भाईचारे तथा आपसी सम्मान का संदेश देता है।
उन्होंने यमराज और उनकी बहन यमुना से जुड़ी पौराणिक मान्यता का भी जिक्र किया। साहनी ने कहा कि रक्षाबंधन हमें रिश्तों के साथ-साथ समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को निभाने की प्रेरणा देता है।
अंत में हर्ष साहनी ने ईश्वर से प्रार्थना की कि अंबाला सहित पूरे देश में भाई-बहनों के बीच प्रेम, विश्वास और सम्मान हमेशा कायम रहे। उन्होंने कामना की कि हर बहन सुरक्षित, शिक्षित, आत्मनिर्भर और सशक्त बने।