Summer express , नारनौल। मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के कार्य में लापरवाही बरतना नारनौल विधानसभा क्षेत्र के बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) गजराज को भारी पड़ गया। निर्धारित जिम्मेदारी के निर्वहन में उदासीनता और बार-बार निर्देश दिए जाने के बावजूद कार्य में अपेक्षित सुधार नहीं होने पर जिला निर्वाचन अधिकारी ने उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के आदेश जारी किए हैं। साथ ही उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू करने के लिए सक्षम प्राधिकारी को सिफारिश भेजी गई है।
जिला निर्वाचन कार्यालय नारनौल की ओर से 26 अगस्त को जारी आदेश के मुताबिक, नारनौल के एसडीएम ने 21 अगस्त को जिला निर्वाचन अधिकारी को पत्र भेजकर बीएलओ गजराज की कार्यप्रणाली की जानकारी दी थी। पत्र में बताया गया कि गजराज नारनौल विधानसभा क्षेत्र के पार्ट नंबर 11 और 70 में बीएलओ के रूप में तैनात हैं। एसआईआर अभियान के दौरान उनके द्वारा लगातार लापरवाही बरतने और सौंपे गए कार्य के प्रति उदासीन रवैया अपनाने की बात सामने आई।
आदेश के अनुसार, बीएलओ को कई बार निर्धारित कार्य समय पर पूरा करने के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद उन्होंने जिम्मेदारी के निर्वहन में अपेक्षित रुचि नहीं दिखाई। अधिकारियों की ओर से उन्हें कार्य में सुधार का पर्याप्त अवसर भी दिया गया, लेकिन स्थिति में अपेक्षित बदलाव नहीं आया।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने बीएलओ के रवैये को गंभीर कर्तव्यहीनता और उच्चाधिकारियों के निर्देशों की अवहेलना माना है। आदेश में कहा गया कि इस प्रकार की लापरवाही से मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण जैसे महत्वपूर्ण निर्वाचन कार्य की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। मतदाता सूचियों की शुद्धता, पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखना निर्वाचन प्रक्रिया का अहम हिस्सा है।
इसी के मद्देनजर जिला निर्वाचन अधिकारी ने गजराज को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के आदेश दिए हैं। साथ ही उनके खिलाफ विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू करने के लिए सक्षम प्राधिकारी को सिफारिश भेजी गई है।
आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि जांच के दौरान यदि किसी तरह का आपराधिक कदाचार सामने आता है तो मुख्य निर्वाचन अधिकारी, हरियाणा की अनुमति से एफआईआर दर्ज कराने समेत अन्य आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
एसडीएम नारनौल को निलंबन आदेश की पालना सुनिश्चित कराने और इसकी रिपोर्ट जिला निर्वाचन कार्यालय को भेजने के निर्देश दिए गए हैं। कार्रवाई से संबंधित सूचना निर्धारित समयसीमा में मुख्य निर्वाचन अधिकारी के माध्यम से भारत निर्वाचन आयोग को भी भेजी जाएगी।