Summer express, काठमांडू। नेपाल में आई विनाशकारी अचानक बाढ़ के नौ दिन बाद राहत और बचाव अभियान में बड़ी सफलता मिली है। त्रिशूली स्थित एक हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट की सुरंग से कम से कम दो लोगों को जिंदा बाहर निकाला गया है। इस सफल रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद उम्मीद जगी है कि सुरंगों में फंसे अन्य लोगों को भी सुरक्षित बचाया जा सकता है।
स्थानीय टीवी चैनलों द्वारा प्रसारित तस्वीरों में कीचड़ से सने दोनों कर्मचारियों को बचावकर्मी कंधों पर उठाकर त्रिशूली-3ए हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट से बाहर लाते दिखाई दिए।
सेना ने दो मजदूरों के सुरक्षित बचाए जाने की पुष्टि की
नेपाल सेना के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल राजा राम बस्नेत ने रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान दो लोगों को जीवित बचाए जाने की पुष्टि की है। इसके कुछ समय बाद नेपाली सांसद राम न्यूपाने ने भी बचाव अभियान से जुड़ी तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा कीं।
सुरंगों में करीब 500 कर्मचारियों के फंसे होने की आशंका
बाढ़ के बाद से विभिन्न हाइड्रोपावर परियोजनाओं की सुरंगों में बड़े स्तर पर राहत और बचाव अभियान चलाया जा रहा है। स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, नेपाल के 12 हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स से करीब 900 कर्मचारी लापता हैं। इनमें से लगभग 500 लोगों के अलग-अलग सुरंगों में फंसे होने की आशंका जताई जा रही है।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, सुरक्षित निकाले गए दोनों लोगों की पहचान कबीर महर्जन और संजय शाह के रूप में हुई है। संजय शाह नेपाल इलेक्ट्रिसिटी अथॉरिटी में मैकेनिकल फोरमैन हैं, जबकि कबीर महर्जन त्रिशूली-3ए हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट में सुपरवाइजर के तौर पर कार्यरत हैं।
नेपाल बाढ़ में अब तक 1,290 लोगों की मौत
नेपाल की आपदा प्रबंधन एजेंसी के अनुसार, 26 अगस्त को भोटेकोशी क्षेत्र में आई अचानक बाढ़ में अब तक 1,290 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 5,000 से अधिक लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं।
वहीं, चीन ने बुधवार देर रात जानकारी दी कि सीमा से सटे तिब्बत क्षेत्र में इस आपदा के कारण 21 लोगों की मौत हुई है और 541 लोग लापता हैं।
बचाव दल लगातार प्रभावित इलाकों और हाइड्रोपावर परियोजनाओं की सुरंगों में तलाश अभियान चला रहे हैं। दो लोगों के जीवित मिलने से रेस्क्यू टीमों और लापता लोगों के परिजनों में उम्मीद बढ़ गई है।