Summer express, चंडीगढ़। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से हरियाणा में कमजोर पड़ चुका मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। प्रदेश में लगातार दूसरे दिन उत्तरी और मध्य जिलों में रुक-रुक कर बारिश हुई, जिससे मौसम का मिजाज बदल गया। कई इलाकों में तापमान में गिरावट दर्ज की गई और लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली। मौसम विभाग ने 5 सितंबर तक हरियाणा के कई हिस्सों में बारिश की संभावना जताई है, जबकि उत्तरी जिलों में मध्यम से भारी बारिश हो सकती है।
मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन के अनुसार 2 सितंबर से सक्रिय मध्यम श्रेणी के पश्चिमी विक्षोभ का असर हरियाणा के उत्तरी और उत्तर-पूर्वी क्षेत्रों में अधिक दिखाई दे रहा है। पश्चिमी विक्षोभ और मानसूनी गतिविधियों के प्रभाव से प्रदेश में बारिश का दौर तेज हुआ है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि यह बारिश मानसून सीजन के दौरान हुई वर्षा की कमी को कुछ हद तक कम करने में भी मदद कर सकती है।
हरियाणा के पंचकूला, अंबाला, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र, करनाल, पानीपत और सोनीपत में पश्चिमी विक्षोभ का असर अधिक रहने की संभावना है। इन जिलों में गरज-चमक के साथ अच्छी बारिश हो सकती है। वहीं हिसार, रोहतक, जींद, कैथल, फतेहाबाद और सिरसा में बादल छाए रहने के साथ कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने के आसार हैं।
दक्षिणी और पश्चिमी हरियाणा के जिलों में बारिश की गतिविधियां अपेक्षाकृत कमजोर रह सकती हैं। गुरुग्राम, रेवाड़ी, महेंद्रगढ़, चरखी दादरी और भिवानी में भारी बारिश की संभावना कम बताई गई है, हालांकि स्थानीय स्तर पर हल्की बारिश या बूंदाबांदी हो सकती है।
बारिश और बादलों की लगातार आवाजाही से हरियाणा के अधिकतम तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है। प्रदेश में दिन का अधिकतम तापमान 37.1 डिग्री सेल्सियस तक दर्ज किया गया, जबकि पिछले 24 से 48 घंटों के दौरान तापमान में औसतन एक से दो डिग्री सेल्सियस की कमी आई है। इससे लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिली है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार 5 सितंबर के बाद पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव धीरे-धीरे कमजोर पड़ सकता है। इसके साथ ही बारिश की गतिविधियों में कमी आने के आसार हैं। अगले 10 से 12 दिनों के दौरान हरियाणा से मानसून की वापसी के लिए परिस्थितियां बननी शुरू हो सकती हैं। फिलहाल प्रदेश में सक्रिय हुए मौसम तंत्र के कारण उत्तरी और मध्य हरियाणा में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।