Summer express , पलवल। हरियाणा के होडल तहसील के फास्टकूनगर गांव में सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज 1,856 कनाल 13 मरला शामलात जमीन को कथित तौर पर कागजों में निजी संपत्ति दिखाकर बेचने का मामला सामने आया है। इस मामले में 11 रजिस्ट्रियों के जरिए शामलात जमीन का मालिकाना हक निजी विक्रेताओं और खरीदारों के नाम किए जाने का आरोप है। राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने जांच के बाद राजस्व विभाग के सात तत्कालीन अधिकारियों-कर्मचारियों समेत 112 आरोपियों के खिलाफ अदालत में चार्जशीट दाखिल की है।
एसीबी की जांच के अनुसार, जमीन की कथित खरीद-फरोख्त दो चरणों में हुई। पहले चरण में 10 जुलाई 2006 से 29 सितंबर 2006 के बीच छह रजिस्ट्रियां कराई गईं, जबकि दूसरे चरण में 8 जून 2007 से 27 जुलाई 2007 के बीच पांच रजिस्ट्रियां हुईं। कुल 11 रजिस्ट्रियों के बाद राजस्व रिकॉर्ड में इंतकाल दर्ज किए गए और आरोप है कि इस प्रक्रिया के जरिए शामलात जमीन निजी लोगों के नाम पहुंचा दी गई।
चार्जशीट में तत्कालीन तहसीलदार होडल नरेश जोवल, मनबीर सिंह और ओम प्रकाश गोदारा, रजिस्ट्री क्लर्क भगवान सिंह और भूप सिंह, पटवारी ताराचंद तथा गिरदावर वीरेंद्र सिंह को आरोपी बनाया गया है। एसीबी के मुताबिक, इन अधिकारियों पर अपनी सरकारी जिम्मेदारियों और पद का कथित दुरुपयोग करने का आरोप है। मामले में 105 ग्रामीण, जमीन के विक्रेता और खरीदार भी आरोपी हैं।
जांच के दौरान सामने आया कि तहसीलदार स्तर पर पंजीकरण प्रक्रिया की निगरानी, रजिस्ट्री क्लर्क द्वारा सेल डीड के पंजीकरण तथा पटवारी और गिरदावर द्वारा राजस्व रिकॉर्ड में इंतकाल दर्ज करने की प्रक्रिया में संबंधित अधिकारियों की भूमिका रही। एसीबी ने जांच में सरकारी राजस्व को नुकसान होने की बात भी कही है।
इस मामले की जांच पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के निर्देश के बाद आगे बढ़ी। वर्ष 2010 और 2011 में पलवल जिले की शामलात जमीन की कथित अनियमित बिक्री से जुड़े मामलों की सुनवाई के दौरान अतवा गांव की जमीन की खरीद का मामला सामने आया था। इसके आधार पर 14 मई 2012 को गुरुग्राम में एसीबी थाने में केस दर्ज किया गया।
बाद में हाईकोर्ट ने क्रिस्टल बायोटेक के अलावा अन्य लोगों से जुड़ी शामलात जमीन की संदिग्ध रजिस्ट्रियों की भी जांच के निर्देश दिए। इसी क्रम में फास्टकूनगर गांव की 11 रजिस्ट्रियां जांच के दायरे में आईं। अधिकारियों की कथित मिलीभगत और पद के दुरुपयोग के आरोप सामने आने के बाद 10 नवंबर 2022 को फरीदाबाद स्थित एसीबी थाने में मामला दर्ज किया गया।
एसीबी ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 120-बी, 409, 467, 468 और 471, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13(1)(डी) सहपठित 13(2) तथा पंजाब विलेज कॉमन लैंड्स (रेगुलेशन) एक्ट, 1961 की धारा 13-ए के तहत चार्जशीट दाखिल की है। चार्जशीट पलवल की अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश प्रतीक जैन की अदालत में पेश की गई है।