Summer express/धर्मपुर (सोलन), भूपेंद्र-:सोलन जिले के धर्मपुर क्षेत्र स्थित डीपीएस दगशाई में जूनियर छात्रों के साथ कथित रैगिंग और मारपीट का मामला सामने आया है। मामले को लेकर धर्मपुर पुलिस थाना में पांच वरिष्ठ छात्रों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि पिछले करीब चार महीनों से कुछ जूनियर विद्यार्थियों को कथित तौर पर मानसिक एवं शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था।पुलिस के अनुसार, तलविंदर माणस तथा अन्य की ओर से दी गई संयुक्त शिकायत के आधार पर एफआईआर नंबर 146/26 दर्ज की गई है।एफआईआर 6 सितंबर 2026 को दर्ज हुई। शिकायत के मुताबिक, 5 सितंबर की घटना में डीपीएस दगशाई में नौवीं कक्षा में पढ़ने वाले एक छात्र को कथित तौर पर उसके हॉस्टल के कमरे से जबरन बाहर निकाला गया। इसके बाद उसके साथ मारपीट किए जाने का आरोप लगाया गया है।
कई गंभीर धाराओं में मामला दर्ज
पुलिस ने शिकायत के आधार पर हिमाचल प्रदेश शैक्षणिक संस्थान (रैगिंग निषेध) अधिनियम, 2009 की धारा 3(2) के साथ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। इनमें धारा 115(2), 351(2)(3), 352, 126(2) और 3(5) शामिल हैं। पुलिस अब शिकायत में लगाए गए सभी आरोपों की जांच कर रही है।
चार महीने से परेशान करने का आरोप
शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि संबंधित वरिष्ठ छात्र कथित तौर पर पिछले चार महीनों से जूनियर विद्यार्थियों को रैगिंग, धमकी, मारपीट और अभद्र भाषा का सामना करने के लिए मजबूर कर रहे थे। शिकायत में कुछ छात्रों के पास हथियार होने का आरोप भी लगाया गया है। हालांकि, इन सभी आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि होना अभी बाकी है।घटना सामने आने के बाद स्कूल परिसर में छात्रों और अभिभावकों के बीच चिंता का माहौल बताया जा रहा है। शिकायत में यह भी कहा गया है कि कथित घटनाओं के कारण कुछ जूनियर छात्र मानसिक दबाव और भय की स्थिति में हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस द्वारा शिकायत में सामने आए प्रत्येक आरोप और घटना से जुड़े तथ्यों की जांच की जा रही है।
पुलिस जांच में जुटी
मामले की जांच पुलिस पोस्ट दगशाई के प्रभारी एसआई राजेश कुमार द्वारा किए जाने की जानकारी सामने आई है। पुलिस घटना से जुड़े छात्रों और अन्य संभावित गवाहों से पूछताछ कर सकती है तथा उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी।फिलहाल पुलिस जांच जारी है और एफआईआर में नामजद छात्रों के खिलाफ लगाए गए आरोपों की पुष्टि की प्रक्रिया चल रही है। पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति और आरोपों की सत्यता को लेकर स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी। वहीं, स्कूल परिसर में रैगिंग जैसे गंभीर आरोप सामने आने के बाद विद्यार्थियों की सुरक्षा और संस्थान में अनुशासन को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।