Summer express/शिमला, संजू-: हिमाचल प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने ब्रिक्स सम्मेलन को भारत के लिए अहम अवसर बताया है। उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर बदलती आर्थिक और रणनीतिक परिस्थितियों के बीच भारत को ब्रिक्स में अपनी भूमिका और मजबूत करनी चाहिए। विक्रमादित्य सिंह ने रूस और चीन के साथ संबंधों से लेकर हिमालयी क्षेत्र में बढ़ती आपदाओं, मानसून से प्रदेश में हुए नुकसान और शिमला की ट्रैफिक समस्या पर भी अपनी राय रखी।
नई दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स सम्मेलन को लेकर विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि यह भारत के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि ब्रिक्स किसी विचारधारा तक सीमित मंच नहीं है, बल्कि भारत के राष्ट्रीय हितों से जुड़ा महत्वपूर्ण संगठन है। भारत को ब्राजील, रूस, चीन और दक्षिण अफ्रीका समेत सभी सदस्य देशों के साथ अपने रिश्ते मजबूत करने चाहिए।उन्होंने कहा कि आने वाले समय में ब्रिक्स में भारत का नेतृत्व और प्रभाव बढ़ना चाहिए। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और आईटी के क्षेत्र में भारत को अपनी क्षमता बढ़ाने की जरूरत है। उनके मुताबिक ब्रिक्स के माध्यम से निवेश, रोजगार और तकनीकी सहयोग के नए अवसर पैदा हो सकते हैं।विक्रमादित्य सिंह ने रूस को भारत का पुराना और भरोसेमंद मित्र बताते हुए कहा कि राष्ट्रीय हितों को प्राथमिकता देते हुए सभी देशों के साथ संतुलित संबंध जरूरी हैं। उन्होंने वैश्विक आर्थिक व्यवस्था में बदलाव और वैकल्पिक वित्तीय तंत्र पर भी विचार करने की जरूरत बताई।
वहीं मानसून से हुए नुकसान पर उन्होंने बताया कि इस वर्ष प्रदेश में लोक निर्माण विभाग को करीब 1500 से 1600 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। हालांकि 2023 और 2024 की तुलना में इस बार नुकसान कम रहा है। सरकार क्षतिग्रस्त सड़कों और पुलों को जल्द बहाल करने में जुटी है।उन्होंने कहा कि करीब 800 किलोमीटर सड़कों के सुधार का प्रावधान किया गया है और अक्टूबर से मेटलिंग व सड़क सुधार के काम में तेजी लाई जाएगी।शिमला के कार्ट रोड चौड़ीकरण पर उन्होंने कहा कि जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया आगे बढ़ चुकी है और निर्धारित नीति व सर्किल रेट के आधार पर मुआवजा दिया जाएगा। ट्रैफिक दबाव कम करने के लिए दो टनल भी प्रस्तावित हैं, जिनमें पहले चरण को मंजूरी मिल चुकी है। सरकार को उम्मीद है कि इन परियोजनाओं से शिमला की यातायात व्यवस्था को बड़ी राहत मिलेगी।