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श्रमिक परिवारों के बच्चों के सपनों को पंख दे रही कल्याणकारी योजनाएं

Summer express/शिमला, संजू-:हिमाचल प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड की कल्याणकारी योजनाएं श्रमिक परिवारों के लिए आर्थिक संबल का मजबूत आधार बन रही हैं। विशेषकर बच्चों की शिक्षा के लिए प्रदान की जा रही वित्तीय सहायता से श्रमिक परिवारों को अपने बच्चों की पढ़ाई जारी रखने में महत्वपूर्ण मदद मिल रही है। बोर्ड द्वारा पंजीकृत कामगारों के बच्चों को उच्च एवं व्यावसायिक शिक्षा सहित विभिन्न शैक्षणिक स्तरों पर वित्तीय सहायता उपलब्ध करवाई जा रही है।शिक्षा के लिए मिली आर्थिक मदद से परिवारों को राहत

तेंजिन कंस्ट्रक्शन कंपनी में कार्यरत एवं कामगार कल्याण बोर्ड में पंजीकृत रेश्मी ने बताया कि उन्हें बच्चों की पढ़ाई के खर्च के लिए बोर्ड के माध्यम से 16,800 रुपये की आर्थिक सहायता प्राप्त हुई है। उन्होंने कहा कि सरकार की इस योजना से बच्चों की शिक्षा जारी रखने में आर्थिक मदद मिली है। उन्होंने सहायता के लिए प्रदेश सरकार का आभार व्यक्त किया।शिमला के चक्कर निवासी चंदन सिंह ने बताया कि उन्हें बच्चों की शिक्षा के लिए कामगार कल्याण बोर्ड के माध्यम से 16,800 रुपये की सहायता प्राप्त हुई है। उन्होंने कहा कि कामगारों और उनके परिवारों के हित में संचालित सरकारी योजनाओं से उन्हें काफी लाभ मिल रहा है।

शिमला जिला की चंद तहसील निवासी सतीश चंद ने बताया कि श्रमिक कल्याण बोर्ड में पंजीकरण के बाद उन्हें बच्चों की पढ़ाई के लिए 48 हजार रुपये की सहायता मिली।उन्होंने कहा कि इस आर्थिक मदद से बच्चों की शिक्षा का खर्च पूरा करने में काफी सहयोग मिला है।इसी तरह, तहसील जुन्गा, विकासखंड मशोबरा निवासी जगदीश शर्मा ने भी बताया कि श्रमिक कल्याण बोर्ड में पंजीकरण के माध्यम से उन्हें बच्चों की पढ़ाई के लिए 48 हजार रुपये की सहायता प्राप्त हुई है। उन्होंने प्रदेश सरकार एवं मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह योजना श्रमिक परिवारों के बच्चों की शिक्षा के लिए महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान कर रही है।

कसुम्पटी, चौपाल और शिमला ग्रामीण में भी मिला लाभ

कामगार कल्याण बोर्ड के माध्यम से कसुम्पटी विधानसभा क्षेत्र में 14 लाभार्थियों को बच्चों की शिक्षा के लिए कुल 6 लाख 16 हजार 800 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की गई है। इनमें राकेश शर्मा को 16,800 रुपये, बबलू ठाकुर को 60,000 रुपये, गीता देवी को 44,400 रुपये, शांति भूषण को 48,000 रुपये, जगदीश चंद को 48,000 रुपये, देवेंद्र शर्मा को 33,600 रुपये, उषा को 36,000 रुपये, रवीना को 16,800 रुपये, कमली राम को 44,400 रुपये, हंस राज को 40,800 रुपये, शीला को 72,000 रुपये, राज कुमार को 36,000 रुपये, सतीश चंद को 48,000 रुपये तथा प्रेम सिंह को 72,000 रुपये की सहायता प्रदान की गई है।

चौपाल विधानसभा क्षेत्र में 26 लाभार्थियों को कुल 16.81 लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान की गई। इनमें 13 लाभार्थियों को बच्चों की शिक्षा के लिए 6.86 लाख रुपये, 12 लाभार्थियों को मातृत्व एवं पितृत्व सहायता के रूप में 5.75 लाख रुपये तथा एक लाभार्थी को मृत्यु एवं अंतिम संस्कार सहायता के रूप में 4.20 लाख रुपये दिए गए हैं।

शिमला ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र में बोर्ड के पंजीकृत 51 श्रमिक लाभार्थियों को विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के तहत कुल 20 लाख 73 हजार 600 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की गई है। इसमें शिक्षा सहायता के रूप में 17 लाख 67 हजार 600 रुपये तथा विवाह सहायता के रूप में 3 लाख 6 हजार रुपये शामिल हैं। विवाह सहायता प्राप्त करने वाले लाभार्थियों में कुलदीप कुमार, दयामंती, मोहिंदर, भुवनेश्वर, सुरेंद्र कुमार वर्मा और पिंकी शामिल हैं, जिन्हें 51-51 हजार रुपये की सहायता प्रदान की गई है।

सुन्नी क्षेत्र के श्रमिक परिवारों को भी मिली आर्थिक राहत

सुन्नी क्षेत्र के लाभार्थियों ने भी बच्चों की शिक्षा के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध करवाने पर प्रदेश सरकार एवं श्रम विभाग का आभार व्यक्त किया है।सुन्नी तहसील निवासी गीता राम ने बताया कि उन्हें अपने बच्चे की पढ़ाई के लिए श्रम विभाग के माध्यम से 1 लाख 25 हजार रुपये की सहायता राशि प्राप्त हुई है। उन्होंने कहा कि इस सहायता से उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूती मिली है और बच्चे की पढ़ाई के लिए बड़ी मदद मिली है।

वहीं, सुन्नी तहसील निवासी प्रेम प्रकाश ने बताया कि श्रमिक कल्याण बोर्ड में पंजीकरण करवाने के फलस्वरूप उन्हें बच्चों की पढ़ाई के लिए 44,400 रुपये की सहायता राशि प्राप्त हुई। उन्होंने कहा कि सरकार की इस योजना से श्रमिक परिवारों को आर्थिक संबल मिल रहा है और बच्चों की शिक्षा को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण सहायता मिल रही है।गांव बीजू निवासी पवन ने बताया कि उन्हें श्रमिक कल्याण बोर्ड की ओर से बच्चों की शिक्षा के लिए 72 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की गई है। उन्होंने इसके लिए प्रदेश सरकार का आभार व्यक्त किया।

शिक्षा के माध्यम से श्रमिक परिवारों की अगली पीढ़ी को सशक्त करना लक्ष्य : नरदेव सिंह कंवर

हिमाचल प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष नरदेव सिंह कंवर ने कहा कि बोर्ड का निरंतर प्रयास है कि श्रमिक एवं उनके परिवार सामाजिक और आर्थिक रूप से सशक्त बनें तथा उनके बच्चों को बेहतर शिक्षा के अवसर मिलें। उन्होंने कहा कि शिक्षा प्रत्येक बच्चे के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव है।उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू के मार्गदर्शन में बोर्ड द्वारा पंजीकृत श्रमिकों के बच्चों को उच्च एवं व्यावसायिक शिक्षा सहित विभिन्न शैक्षणिक स्तरों पर वित्तीय सहायता उपलब्ध करवाई जा रही है। इससे अनेक जरूरतमंद परिवारों को अपने बच्चों की पढ़ाई जारी रखने में संबल मिला है।उन्होंने कहा कि यह प्रसन्नता का विषय है कि आर्थिक सहायता के माध्यम से श्रमिक परिवारों के बच्चे आर्थिक कठिनाइयों को पीछे छोड़कर अपने सपनों को साकार करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। बोर्ड का उद्देश्य केवल आर्थिक सहायता प्रदान करना नहीं, बल्कि शिक्षा के माध्यम से श्रमिक परिवारों की अगली पीढ़ी को आत्मनिर्भर, सक्षम और सशक्त बनाना है।

विभिन्न योजनाओं के तहत लगातार जारी है आर्थिक सहायता : अनुपम कुमार

बोर्ड के सचिव एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी अनुपम कुमार ने बताया कि बोर्ड द्वारा पंजीकृत कामगारों को शिक्षा, विवाह, चिकित्सा, मातृत्व-पितृत्व, मृत्यु सहायता तथा अन्य कल्याणकारी योजनाओं के तहत वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है।उन्होंने बताया कि वर्ष 2023-24 में विभिन्न योजनाओं के तहत कुल 45,43,275 रुपये जारी किए गए। इनमें शिक्षा के लिए 26,15,800 रुपये, विवाह के लिए 8,67,000 रुपये, मातृत्व-पितृत्व के लिए 5,30,475 रुपये, मृत्यु की स्थिति में 4,20,000 रुपये तथा मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत 1,10,000 रुपये की वित्तीय सहायता शामिल है।

वर्ष 2024-25 में कुल 2,28,18,292 रुपये जारी किए गए। इसमें शिक्षा के लिए 1,54,68,600 रुपये, विवाह के लिए 35,54,000 रुपये, मेडिकल सहायता के लिए 7,21,742 रुपये, मातृत्व-पितृत्व के लिए 18,82,350 रुपये, मृत्यु सहायता के लिए 6,40,000 रुपये तथा बच्चे के जन्म पर 4,08,000 रुपये की वित्तीय सहायता शामिल है।वर्ष 2025-26 के दौरान बोर्ड की विभिन्न योजनाओं के तहत पंजीकृत कामगारों को कुल 81,62,300 रुपये जारी किए गए। इसमें शिक्षा के लिए 61,78,600 रुपये, विवाह के लिए 6,63,000 रुपये, मेडिकल सहायता के लिए 2,15,700 रुपये, मातृत्व-पितृत्व सहायता के लिए 25,000 रुपये तथा मृत्यु सहायता के रूप में 10,60,000 रुपये शामिल हैं।

वर्ष 2026-27 में अब तक 85,21,700 रुपये की वित्तीय सहायता पंजीकृत कामगारों को उपलब्ध करवाई जा चुकी है। इसमें शिक्षा के लिए 64,12,200 रुपये, विवाह के लिए 5,10,000 रुपये, मातृत्व-पितृत्व सहायता के लिए 9,59,500 रुपये तथा मृत्यु सहायता के रूप में 6,40,000 रुपये शामिल हैं।

शिमला जोन के पांच विधानसभा क्षेत्रों में 142 लाभार्थियों को सहायता

जिला श्रम एवं कल्याण अधिकारी श्रेय शर्मा ने बताया कि शिमला जोन के अंतर्गत शिमला शहरी, शिमला ग्रामीण, कसुम्पटी, ठियोग और चौपाल विधानसभा क्षेत्र आते हैं। उन्होंने बताया कि जनवरी 2026 से अब तक इन क्षेत्रों में पंजीकृत श्रमिक लाभार्थियों को विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के तहत आर्थिक सहायता प्रदान की गई है।

उन्होंने बताया कि शिमला शहरी विधानसभा क्षेत्र में 10 लाभार्थियों को 3 लाख 95 हजार 200 रुपये, शिमला ग्रामीण में 51 लाभार्थियों को 20 लाख 73 हजार रुपये, कसुम्पटी में 14 लाभार्थियों को 6 लाख 16 हजार रुपये, ठियोग में 41 लाभार्थियों को 13 लाख 68 हजार रुपये तथा चौपाल में 26 लाभार्थियों को 16.81 लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान की गई है।शिमला शहरी विधानसभा क्षेत्र में नौ लाभार्थियों को बच्चों की शिक्षा के लिए कुल 1 लाख 75 हजार 200 रुपये तथा एक लाभार्थी को मृत्यु एवं अंतिम संस्कार सहायता के रूप में 2 लाख 20 हजार रुपये प्रदान किए गए हैं।

शिक्षा सहायता प्राप्त करने वाले लाभार्थियों में अमर बहादुर को 8,400 रुपये, चांदनी को 20,400 रुपये एवं 24,000 रुपये, चंदन सिंह को 16,800 रुपये, संजीव कुमार को 8,400 रुपये, रेशमी घर्ती को 16,800 रुपये, मोनिका देवी को 8,400 रुपये, दिनेश ठाकुर को 12,000 रुपये तथा कृष्णा देवी को 60,000 रुपये की सहायता शामिल है। वहीं, संतोष कुमार सिंह को मृत्यु एवं अंतिम संस्कार सहायता के रूप में 2 लाख 20 हजार रुपये प्रदान किए गए हैं।प्रदेश सरकार द्वारा श्रमिकों और उनके परिवारों के कल्याण के लिए संचालित इन योजनाओं का उद्देश्य जरूरतमंद परिवारों को आर्थिक संबल प्रदान करना तथा बच्चों की शिक्षा सहित परिवार की अन्य आवश्यकताओं की पूर्ति में सहयोग देना है। इन योजनाओं से श्रमिक परिवारों को तत्काल आर्थिक राहत के साथ-साथ बच्चों के बेहतर भविष्य की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर भी मिल रहा है।

Chandrika

chandrika@summerexpress.in

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