summer express ,अंकुर कपूर, अंबाला। गणेश चतुर्थी के साथ ही अंबाला में गणेश उत्सव का उल्लास शुरू हो गया। सोमवार को श्रद्धालु ढोल-नगाड़ों के साथ गणेश जी की प्रतिमाएं लेने मूर्तिकारों के पास पहुंचे। विधि-विधान से पूजा करने के बाद प्रतिमाओं को लड्डुओं का भोग लगाया गया और श्रद्धालु उन्हें अपने घरों में स्थापित करने के लिए ले गए। इस दौरान श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिला।
श्रद्धालुओं के अनुसार गणेश जी नौ दिनों तक घरों में विराजमान रहेंगे। इस दौरान प्रतिदिन सुबह पूजा-अर्चना कर उन्हें दूध, हलवा-पूरी और विभिन्न प्रकार की मिठाइयों का भोग लगाया जाएगा। भक्तों का मानना है कि गणपति की पूजा-अर्चना से घर में सुख-समृद्धि आती है और मनोकामनाएं पूरी होती हैं। 25 सितंबर को गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन किया जाएगा।
अंबाला में गणेश उत्सव की परंपरा महाराष्ट्र से जुड़े लोगों और सेना के जवानों के माध्यम से आगे बढ़ी। बताया गया कि पहले यहां इस पर्व का आयोजन सीमित स्तर पर होता था, लेकिन सेना के लोगों द्वारा गणेश उत्सव मनाए जाने के बाद स्थानीय लोग भी इससे जुड़ते गए। अब हर वर्ष अंबाला में गणेश उत्सव को लेकर श्रद्धालुओं का उत्साह बढ़ रहा है।
गणेश प्रतिमाएं खरीदने के लिए अंबाला के अलावा पंजाब, हिमाचल प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों से भी लोग पहुंच रहे हैं। मूर्तिकारों के अनुसार इस बार प्रतिमाओं की मांग अच्छी है और हर वर्ष की तुलना में बिक्री में बढ़ोतरी हो रही है। मूर्तिकारों का कहना है कि वे जितनी प्रतिमाएं तैयार करते हैं, उसकी तुलना में मांग लगातार बढ़ रही है, जिससे उनका कारोबार भी बेहतर चल रहा है।
इस मौके पर प्राचीन कैलाश हाथीखाना मंदिर, अंबाला कैंट के महंत भी पहुंचे और उन्होंने गणेश चतुर्थी के महत्व की जानकारी दी। वहीं, गणेश प्रतिमा लेने पहुंची महिलाओं और अन्य श्रद्धालुओं ने भी पर्व को लेकर अपनी खुशी जाहिर की। ढोल-नगाड़ों के बीच श्रद्धालु गणेश जी की प्रतिमाओं को अपने घर लेकर गए और विधिवत स्थापना की।