Summer express/मंडी, धर्मवीर- : मंडी जिला प्रशासन की अपना पुस्तकालय की मुहीम ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों के लिए सफलता की नई राह खोलती हुई नजर आ रही है। प्रदेश सरकार के तत्वाधान में चलाई जा रही इस मुहीम के तहत पधर उपमंडल के डलाह में खोला गया अपना पुस्तकालय यहां के सैंकड़ों बच्चों के लिए किसी बड़ी सौगात से कम नहीं है। करीब 12 लाख रुपये की लागत से तैयार इस पुस्तकालय में एक समय में लगभग 60 विद्यार्थियों के बैठने की व्यवस्था है। यहां प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए करीब 500 पुस्तकें, कंप्यूटर, वाई-फाई सुविधा, अच्छा फर्नीचर तथा बिजली के बैकअप के लिए सोलर सिस्टम उपलब्ध करवाया गया है। सुरक्षा की दृष्टि से सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए हैं। विद्यार्थियों की सुविधा के लिए पुस्तकालय में निजी अध्ययन केबिन की व्यवस्था भी की गई है।
अपना पुस्तकालय का लाभ उठा रही तनुजा, निखिल कुमार, अम्बिका और सोनिया ने इस बेहतरीन सुविधा के लिए जिला प्रशासन और प्रदेश सरकार का आभार जताया है। इन्होंने बताया कि जिन सुविधाओं के लिए इन्हें मंडी या फिर नीजि पुस्तकालयों की तरफ जाना पड़ता था, उससे बेहतरीन सुविधाएं अब सरकारी स्तर पर हासिल हो रही हैं। पुस्तकालय की विद्यार्थी समिति के अध्यक्ष सोमदत्त ने बताया कि 27 फरवरी 2025 को इस पुस्तकालय की शुरूआत हुई थी। अब तक करीब 115 विद्यार्थी इसकी सदस्यता ले चुके हैं जबकि 50 से 60 विद्यार्थी प्रतिदिन नियमित रूप से यहां आकर अध्ययन करते हैं। अब तक यहां पढ़ने वाले दो युवा लेक्चरर, दो पुलिस कर्मियों सहित तीन विद्यार्थियों ने राज्य पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण की है। इसके अलावा कई विद्यार्थी विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं और पुस्तकालय को अपनी सफलता की तैयारी का महत्वपूर्ण माध्यम मानते हैं।
डलाह का ‘अपना पुस्तकालय’ अब महज किताबों से भरा एक कमरा नहीं, बल्कि ग्रामीण युवाओं के सपनों और सफलता का केंद्र बन चुका है। सरकार की सुविधाओं, प्रशासन के प्रयासों और विद्यार्थियों की मेहनत का यह संगम क्षेत्र के अन्य युवाओं के लिए भी प्रेरणा बन रहा है। यह पहल इस विश्वास को मजबूत करती है कि सुविधाएं यदि सही स्थान तक पहुंचे और मेहनत करने वाले हाथों को उचित मंच मिले, तो ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थी भी सफलता की नई ऊंचाइयां हासिल कर सकते हैं।