Summer express/सिरसा, विजय कुमार -:लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा छात्रों और युवाओं से जुड़े मुद्दे उठाए जाने के बाद अब सिरसा से कांग्रेस सांसद कुमारी शैलजा ने भी केंद्र सरकार को घेरा है। सिरसा दौरे के दौरान मीडिया से बातचीत में शैलजा ने पेपर लीक, शिक्षा व्यवस्था, रोजगार, मतदाता सूची और UPI से जुड़े मुद्दों पर सरकार से सवाल किए। उन्होंने कहा कि बार-बार पेपर लीक होने से परीक्षा की तैयारी कर रहे लाखों युवाओं और उनके परिवारों को परेशानी उठानी पड़ती है।
कुमारी शैलजा ने कहा कि देश में लगातार पेपर लीक की घटनाएं सामने आना युवाओं के लिए गंभीर चिंता का विषय है। उनका कहना है कि इससे सिर्फ छात्रों का समय और मेहनत प्रभावित नहीं होती, बल्कि उनके परिवारों पर आर्थिक और मानसिक दबाव भी बढ़ता है। शैलजा ने शिक्षा व्यवस्था को लेकर सरकार से जवाबदेही तय करने की मांग की।दिल्ली यूनिवर्सिटी में पीजी हाउस गिरने की घटना का जिक्र करते हुए भी कुमारी शैलजा ने छात्र सुविधाओं और सुरक्षा को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी लगातार छात्रों और युवाओं से जुड़े मुद्दों को उठा रहे हैं और उनकी आवाज को सामने लाने की कोशिश कर रहे हैं।वहीं पश्चिम बंगाल की मतदाता सूची को लेकर चल रहे विवाद पर भी कुमारी शैलजा ने सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची में नाम हटाए जाने को लेकर कई जगह से शिकायतें सामने आ रही हैं। शैलजा ने चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और मतदाताओं के अधिकारों को लेकर चिंता जताई।
पश्चिम बंगाल में SIR यानी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन का मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच चुका है। चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक SIR प्रक्रिया के दौरान पश्चिम बंगाल में 27 लाख 16 हजार नाम हटाए गए, जबकि इनमें से 22 लाख से ज्यादा लोगों ने दोबारा नाम शामिल कराने के लिए अपील की है।SIR को लेकर कुमारी शैलजा ने गड़बड़ी के आरोप लगाए और कहा कि मतदाता सूची को लेकर लोगों के बीच चिंता बनी हुई है। इसके साथ ही उन्होंने नौकरियों में कथित अनियमितताओं का मुद्दा भी उठाया और सरकार से युवाओं के हित में ठोस कदम उठाने की मांग की।इसके अलावा UPI से जुड़े शुल्क के मुद्दे पर भी कुमारी शैलजा ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा। हालांकि सरकार ने स्पष्ट किया है कि आम लोगों के Person-to-Person यानी P2P UPI लेनदेन पर कोई शुल्क नहीं लगाया गया है। 2 हजार रुपये तक के मर्चेंट पेमेंट और छोटे व्यापारियों के लिए निर्धारित लेनदेन भी शुल्क-मुक्त रहेंगे। सरकार के मुताबिक करीब 96 फीसदी मर्चेंट UPI ट्रांजैक्शन पर इसका असर नहीं पड़ेगा। वहीं 2 हजार रुपये से अधिक के कुछ मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर MDR लागू होने की व्यवस्था को लेकर विपक्ष ने कारोबारियों और उपभोक्ताओं पर संभावित अतिरिक्त बोझ की चिंता जताई है।