summer express , पिहोवा। गुरप्रीत हत्याकांड में चार दिन से अंतिम संस्कार का इंतजार कर रहे परिवार ने आरोपियों की पहचान होने के बाद मंगलवार को उसका अंतिम संस्कार कर दिया। पुलिस प्रशासन और परिजनों के बीच सहमति बनने के बाद पिहोवा में भारी पुलिस बल की मौजूदगी में अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी की गई। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग भी मौजूद रहे।
गौरतलब है कि 14 सितंबर को गुरप्रीत पर उस समय हमला किया गया था, जब वह अपनी गाड़ी में था। कुछ युवकों ने उसकी गाड़ी को घेर लिया और किरपान तथा हंसियों से हमला कर दिया। हमले में गुरप्रीत गंभीर रूप से घायल हो गया था। उसे उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां शनिवार को उसकी मौत हो गई।
गुरप्रीत की मौत के बाद परिवार ने आरोपियों की गिरफ्तारी और उनकी पहचान की मांग को लेकर शव का अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया था। परिजनों ने शव को चौक पर रखकर सड़क जाम कर प्रदर्शन भी किया था। बाद में शव को घर लाकर रेफ्रिजरेटर में रखा गया। परिवार ने स्पष्ट किया था कि जब तक हमले में शामिल आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती और उनकी पहचान नहीं हो जाती, तब तक अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा।
मामले को लेकर पुलिस प्रशासन पर भी आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने का दबाव था। पुलिस ने जांच आगे बढ़ाते हुए आरोपियों की तलाश शुरू की। पुलिस के अनुसार, CIA टीम ने कार्रवाई करते हुए मामले में शामिल आरोपियों को नेपाल सीमा के पास से गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के बाद आरोपियों को परिजनों के सामने पेश किया गया, जहां परिवार के सदस्यों ने उनकी पहचान की।
आरोपियों की शिनाख्त होने के बाद पुलिस प्रशासन और परिवार के बीच बातचीत हुई। इसके बाद परिजन अंतिम संस्कार के लिए तैयार हुए। मंगलवार को पिहोवा में सुरक्षा के मद्देनजर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया। पुलिस की मौजूदगी में गुरप्रीत का अंतिम संस्कार किया गया।
पुलिस मामले में आरोपियों से पूछताछ कर रही है और हत्या के पीछे की वजह, वारदात में शामिल अन्य लोगों तथा घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।