Summer express/शिमला संजू-:शिमला में आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या और इनके हमलों को लेकर लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। हाल ही में 20 महीने की मासूम बच्ची पर आवारा कुत्तों के हमले की घटना ने शहर में चिंता बढ़ा दी है। बताया जा रहा है कि दो कुत्ते बच्ची को घर से बाहर खींचकर ले गए और उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया। घटना के बाद शिमला नागरिक सभा ने नगर निगम प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया और जल्द ठोस कार्रवाई की मांग उठाई।
शिमला नागरिक सभा के सचिव विवेक कश्यप ने कहा कि आवारा कुत्तों की समस्या अब गंभीर रूप ले चुकी है और लोग अपने घरों के आसपास भी खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे हैं। उन्होंने घायल बच्ची के नि:शुल्क उपचार के साथ दो लाख रुपये मुआवजा देने की मांग की। नागरिक सभा ने खूंखार और आक्रामक कुत्तों को शेल्टर होम में रखने, शहर में पांच से सात एबीसी सेंटर स्थापित करने और सार्वजनिक स्थानों पर अनधिकृत रूप से कुत्तों को खाना खिलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। सभा ने चेतावनी दी कि यदि एक सप्ताह के भीतर मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन तेज किया जाएगा और अधिकारियों का घेराव किया जाएगा।हमले में घायल बच्ची की बुआ रजनी ने घटना की भयावहता बताते हुए कहा कि बच्ची के सिर से लेकर पैर तक गंभीर चोटें आई हैं और कई जगह टांके लगाने पड़े हैं। उनका कहना है कि आवारा कुत्तों और बंदरों के कारण बच्चों और बुजुर्गों में डर का माहौल है। उन्होंने प्रशासन से प्रभावी कदम उठाने की मांग करते हुए कहा कि यदि कोई पशु प्रेमी कुत्तों को खाना खिलाना चाहता है तो उन्हें सुरक्षित व्यवस्था करनी चाहिए, ताकि राहगीरों और स्थानीय लोगों को परेशानी न हो।
वहीं, महापौर सुरेंद्र चौहान ने कहा कि नगर निगम मामले को गंभीरता से ले रहा है और आवारा कुत्तों की समस्या से निपटने के लिए कई स्तरों पर कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि 13 अक्टूबर को हाईकोर्ट के समक्ष नगर निगम अपना पक्ष रखेगा। भर्याल या टूटीकंडी में कुत्तों के लिए स्थान विकसित करने पर भी विचार किया जा रहा है। कुत्तों को पकड़ने के लिए 200 से 300 रुपये तक प्रोत्साहन राशि देने और 3 अक्टूबर से व्यापक नसबंदी एवं टीकाकरण अभियान शुरू करने की बात कही गई है।महापौर के अनुसार नगर निगम क्षेत्र में तीन हजार से अधिक आवारा कुत्ते हैं। टूटीकंडी सेंटर के विस्तार के लिए 18 लाख रुपये मंजूर किए गए हैं। साथ ही पालतू कुत्तों का एक हजार रुपये में पंजीकरण अनिवार्य किया गया है। निर्धारित फीडिंग जोन के बाहर कुत्तों को खाना खिलाने वालों पर जुर्माना लगाने की भी तैयारी है। प्रशासन का दावा है कि इन कदमों से शहर में आवारा कुत्तों की समस्या को नियंत्रित करने और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।