Summer express/मंडी/धर्मवीर-: सांसदों को लेकर दिए गए अपने बयान के बाद उठे राजनीतिक विवाद पर मंडी सदर के विधायक अनिल शर्मा ने सफाई दी है। सोमवार को कोटली में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान अनिल शर्मा ने कहा कि उनके बयान का आशय किसी व्यक्ति या संस्था का अपमान करना नहीं था। उन्होंने कहा कि “सांसदों के तिलों में तेल नहीं” कहने का मतलब केवल इतना था कि क्षेत्र के विकास कार्यों के लिए सांसदों से अपेक्षित सहयोग और रिस्पांस नहीं मिला।अनिल शर्मा ने कहा कि जब वह राज्यसभा सांसद थे, तब उन्होंने प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में विकास कार्यों के लिए धन उपलब्ध करवाया था। उन्होंने राज्यसभा के पूर्व सांसद आनंद शर्मा और विप्लव ठाकुर का नाम लेते हुए कहा कि उनके क्षेत्र को उनसे अपेक्षित आर्थिक सहयोग नहीं मिला।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को लेकर दिए गए अपने बयानों पर भी अनिल शर्मा ने स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि सुखविंदर सिंह सुक्खू उनके स्वर्गीय पिता एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री पंडित सुखराम के लगाए हुए पौधे हैं। उन्होंने दावा किया कि उनके पिता ने पीसीओ के माध्यम से सुक्खू को आगे बढ़ाने में योगदान दिया था। अनिल शर्मा ने कहा कि लोगों की मदद करना उनके पिता की कार्यशैली का हिस्सा रहा है और उन्होंने कई लोगों को आगे बढ़ाने में सहयोग किया।विधायक ने कहा कि जब वह मुख्यमंत्री से मिलते हैं तो उनका उद्देश्य अपने निजी हित साधना नहीं, बल्कि अपने क्षेत्र के विकास के लिए धन और योजनाएं लाना होता है। उन्होंने कहा कि वह पार्टी की राजनीति से ज्यादा विकास की बात करते हैं और क्षेत्र के कामों के लिए सभी से सहयोग लेते हैं।
अनिल शर्मा ने कहा कि उनके बयानों को कुछ लोग राजनीतिक मसाले के तौर पर सोशल मीडिया पर इस्तेमाल करते हैं, लेकिन विकास कार्यों के लिए धन जुटाना कितना कठिन होता है, इसका अंदाजा केवल जमीन पर काम करने वाले जनप्रतिनिधि को होता है।उन्होंने अपनी राजनीतिक पहुंच का जिक्र करते हुए कहा कि वह हाल ही में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से करीब एक घंटे मुलाकात करके आए हैं। उन्होंने कहा कि किसी विधायक के लिए केंद्रीय गृह मंत्री के साथ इतनी देर तक मुलाकात होना महत्वपूर्ण है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि वह हर मुलाकात या उपलब्धि का प्रचार सोशल मीडिया पर तस्वीरें साझा करके करने में विश्वास नहीं रखते।