Summer express/शिमला-: भाजपा राज्यसभा सांसद हर्ष महाजन ने कहा कि चंबा जिले के दुर्गम और जनजातीय क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण चंबा-किलाड़ सड़क को राष्ट्रीय महत्व की रणनीतिक सड़क परियोजनाओं में शामिल किया गया है। उनके अनुसार, यह फैसला चुराह, पांगी और किलाड़ क्षेत्र में सड़क संपर्क को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम है।महाजन ने बताया कि रक्षा मंत्रालय ने 13 अगस्त 2026 को जारी कार्यालय ज्ञापन के माध्यम से राष्ट्रीय महत्व की रणनीतिक सड़क परियोजनाओं की सूची जारी की है। इस सूची में देशभर की 11 सड़क परियोजनाएं शामिल हैं। इनमें सात परियोजनाओं को प्राथमिकता-I और चार को प्राथमिकता-II में रखा गया है। हिमाचल प्रदेश से संबंधित चंबा-किलाड़, खानागुंती-लामखागा दर्रा-हरसिल और वांगतु-मुड-अट्टरगू सड़क परियोजनाएं प्राथमिकता-II में शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं के विकास और रखरखाव की व्यवस्था केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के अधीन स्ट्रैटेजिक रोड हेड फंड के माध्यम से किए जाने का प्रावधान है। परियोजनाओं के क्रियान्वयन में सीमा सड़क संगठन की भी महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी।महाजन के अनुसार, चंबा-किलाड़ मार्ग को राष्ट्रीय राजमार्ग डबल लेन (NHDL) मानकों के अनुरूप विकसित करने की योजना है। रक्षा मंत्रालय के ज्ञापन में नई सड़क के निर्माण पर विचार करने के साथ किलाड़ तक निर्माणाधीन सड़क से प्रस्तावित मार्ग का संरेखण तय करने का उल्लेख किया गया है।उन्होंने कहा कि चुराह और पांगी जैसे क्षेत्रों में कठिन भौगोलिक परिस्थितियों, बर्फबारी और प्रतिकूल मौसम के कारण सड़क संपर्क लंबे समय से चुनौती बना हुआ है। बेहतर सड़क सुविधा से स्थानीय लोगों को स्वास्थ्य, शिक्षा और आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति जैसी सेवाओं तक पहुंच में सुविधा मिलने की उम्मीद है। साथ ही पर्यटन और स्थानीय आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिल सकता है।
चंबा की सड़क परियोजनाओं को लेकर लगातार पैरवी
हर्ष महाजन ने कहा कि चंबा जिले की सड़क कनेक्टिविटी को मजबूत करना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल रहा है। उन्होंने बताया कि इससे पहले पठानकोट-चंबा-भरमौर मार्ग को भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के अधीन लाने की दिशा में भी पहल की गई थी। इस मार्ग पर कई महत्वपूर्ण पास, सुरंगों और पुलों के प्रस्ताव हैं तथा इसकी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार की जा रही है।उन्होंने कहा कि चंबा-किलाड़ परियोजना को रणनीतिक सड़क सूची में शामिल किए जाने और पठानकोट-चंबा-भरमौर मार्ग को NHAI के अधीन लाए जाने से जिले के सड़क बुनियादी ढांचे को मजबूती मिलेगी। विशेष रूप से सीमावर्ती और जनजातीय क्षेत्रों में बेहतर संपर्क से आवागमन, स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा, पर्यटन और व्यापार से जुड़े अवसर बढ़ने की उम्मीद है।
महाजन ने कहा कि हिमाचल की तीन परियोजनाओं का राष्ट्रीय महत्व की रणनीतिक सड़क परियोजनाओं में शामिल होना राज्य के कठिन भौगोलिक क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं के माध्यम से स्थानीय जरूरतों के साथ-साथ रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण क्षेत्रों में आधारभूत ढांचे को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।
प्रधानमंत्री और केंद्रीय मंत्रियों का जताया आभार
राज्यसभा सांसद ने इस निर्णय के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा दुर्गम और सीमावर्ती इलाकों में आधारभूत ढांचे को प्राथमिकता दी जा रही है।महाजन ने कहा कि चंबा जिले से जुड़े सड़क और अन्य विकास कार्यों को केंद्र के समक्ष उठाना उनकी प्राथमिकताओं में रहेगा। उन्होंने कहा कि चंबा-किलाड़ सहित अन्य परियोजनाओं के आगे बढ़ने से दुर्गम क्षेत्रों में संपर्क सुविधाओं के विस्तार और सामाजिक-आर्थिक गतिविधियों को गति मिलने की उम्मीद है।