summer express , बेंगलुरु। कर्नाटक लोक सेवा आयोग (केपीएससी) की पशु चिकित्सा अधिकारी भर्ती में कथित अनियमितताओं से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बेंगलुरु की विशेष अदालत ने निलंबित आईएएस अधिकारी ज्ञानेंद्र कुमार गंगवार को 26 सितंबर तक प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की हिरासत में भेज दिया है।
गंगवार को परप्पना अग्रहारा सेंट्रल जेल से अदालत में पेश किया गया। वह इससे पहले न्यायिक हिरासत में थे। ईडी ने अदालत से पूछताछ के लिए उनकी हिरासत की मांग करते हुए कहा कि मामले में अपराध से अर्जित धन का पता लगाने और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े अन्य पहलुओं की जानकारी जुटाने के लिए गंगवार से पूछताछ जरूरी है।
जांच एजेंसी के अनुसार, गंगवार और तुमकूर यूनिवर्सिटी सिंडिकेट के सदस्य बसवराज कन्नाले पर केपीएससी भर्ती परीक्षा का प्रश्न-पत्र लीक करने और उम्मीदवारों से रिश्वत लेने की कथित साजिश में शामिल होने का आरोप है। ईडी इस मामले में कथित तौर पर अवैध तरीके से हासिल की गई रकम के लेन-देन और उससे जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है।
मुख्यमंत्री ने केपीएससी पर उठाए सवाल
इस मामले के बीच कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने कहा है कि राज्य सरकार केपीएससी में बड़े पैमाने पर सामने आई कथित अनियमितताओं के बाद आयोग को बंद करने की कानूनी संभावनाओं पर विचार कर रही है।
मुख्यमंत्री ने विशेष जांच दल (एसआईटी) में अधिकारियों के चयन को लेकर हाई कोर्ट के अधिकार पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सरकार इस पूरे मामले में कानूनी पहलुओं की समीक्षा कर रही है।