समर न्यूज|चंडीगढ़
पंजाब सरकार ने राज्य के कर्मचारियों और पेंशनरों के महंगाई भत्ते (डीए) में कुल आठ प्रतिशत की बढ़ोतरी को दी गई मंजूरी से संबंधित नोटिफिकेशन जारी कर दी है। इससे डीए 42 प्रतिशत से बढ़कर 50 प्रतिशत हो गया है। बढ़ोतरी दो किस्तों में चार-चार प्रतिशत की दर से लागू की जानी है। सरकार के इस फैसले से करीब चार लाख कर्मचारी और साढ़े तीन लाख पेंशनर प्रभावित होंगे। सरकार ने कर्मचारी संगठनों के साथ बातचीत के बाद यह फैसला लिया था।
सरकार के अनुसार बढ़ा हुआ डीए सितंबर के वेतन के साथ अक्टूबर में दिया जाना है। इस फैसले पर राज्य के खजाने पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ेगा। कर्मचारी संगठनों की ओर से लंबे समय से लंबित डीए की किस्तों और अन्य सेवा संबंधी मांगों को लेकर आंदोलन किया जा रहा था। आठ प्रतिशत की घोषणा के बाद आंदोलन समाप्त करने की बात सामने आई थी। हालांकि, कर्मचारियों की लंबित देनदारियों का पूरा विवाद अभी खत्म नहीं हुआ है।
हाईकोर्ट में मामला
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने अगस्त में राज्य सरकार को कर्मचारियों और पेंशनरों के लंबित डीए/महंगाई राहत की किस्तों के संबंध में निर्देश दिए थे। इसके अनुपालन को लेकर दायर याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए अदालत ने पंजाब के मुख्य सचिव को पांच अक्टूबर को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का निर्देश दिया है। अदालत ने प्रथम दृष्टया आदेशों के अनुपालन में कमी पर सवाल उठाए हैं।
बकाया भुगतान पर विवाद जारी
आठ प्रतिशत की नई बढ़ोतरी के बावजूद कर्मचारियों की ओर से पुराने लंबित डीए और उससे जुड़े बकाये का मुद्दा अभी न्यायिक प्रक्रिया में है। राज्य सरकार ने हाईकोर्ट के आदेश को उच्चतम न्यायालय में चुनौती दी है। ऐसे में नई डीए वृद्धि से कर्मचारियों को तत्काल लाभ मिलेगा, लेकिन पुराने बकाये के भुगतान और अदालत के निर्देशों के अनुपालन का मामला आगे की सुनवाई में स्पष्ट होगा। इस मुद्दे पर काफी समय से विवाद भी चल रहा था।